मनोज अभिज्ञान

जेंडर, विज्ञान और सभ्यता का झूठ: पितृसत्ता का वैज्ञानिक आख्यान

स्त्री और पुरुष के बीच असमानता को अक्सर प्राकृतिक, जैविक या ईश्वरप्रदत्त मान लिया जाता है। यह… Read More

जाति-वर्ग का द्वैध यथार्थ: भारतीय समाज की क्रांतिकारी गुत्थी

जब कोई सामाजिक व्यवस्था केवल संसाधनों पर नहीं, बल्कि श्रम, शरीर, सोच और आत्म-संवेदना पर अपना वर्चस्व… Read More

शिक्षक पढ़ाए या सरकार की चाकरी करे?: गैर-शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करो!

भारत में सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लोग अक्सर शिकायत… Read More