प्रफुल्ल कोलख्यान

हिंदुत्व और कॉर्पोरेट की जोड़ी का मुकाबला ‘महात्मा और बाबासाहेब’ की संयुक्त दृष्टि से होगा

आखिरकार, जम्मू-कश्मीर में तीन चरणों में चुनाव संपन्न हो गये। हरियाणा में नवंबर 2024 चुनाव होना है।… Read More

जनांदोलन और जनसंघर्ष से तय होता है निर्णायक लोकतंत्र की राजनीति का रास्ता

जाने-अनजाने नरेंद्र मोदी के दस साल के शासन काल को भारत की राजनीति में नकारात्मक प्रभाव के… Read More

राजनीतिक दलों के चरित्र की भारत अनुकूलता में कपट और कर्मठता

सांगठनिक अनुशासन के लिए एक विधि का इस्तेमाल किया जाता है, वह विधि है; विचार में भिन्नता… Read More

मुठभेड़ की राजनीति और लोकतंत्र में मनमानापन

व्यापार और राजनीति दोनों ही ‘लुका-छिपी का खेल’ है, लेकिन जब राजनीति व्यापार हो जाये और व्यापार… Read More

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के आयुधीकरण से बचाव का सवाल

लोकतंत्र चुनाव-दर-चुनाव भटकने वाली व्यवस्था नहीं है। लेकिन लोकतांत्रिक राजनीति का चुनावी राजनीति में सिमटकर रह जाना… Read More

स्टेट और नेशन के बारीक और संवेदनशील फर्क का मिटना खतरनाक है

अभी भारत के राजनीतिक वातावरण में कई तरह की प्रतिध्वनियां सुनाई दे रही हैं। इन प्रतिध्वनियों का… Read More

नफरती माहौल के खिलाफ जनता को एकजुट होना ही होगा

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की इस सरकार का सौ दिन पूरा हुआ है। उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र… Read More

मुल्क की हवा में इतने कील-कांटे कि गुब्बारा उड़ते ही फट जाता है

अपनी जात पूछने जैसे अपमान को परे झटककर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जब संसद में दहाड़ते… Read More

यतो धर्मस्ततो जयः पूजा करना ही नहीं चाहिए, करते हुए दिखना भी चाहिए

इस समय जब हमारे चारो ओर ‘न्याय चाहिए-न्याय चाहिए’ की गुहार गूंज रही है। न्याय विचार की… Read More