Friday, April 19, 2024

प्रफुल्ल कोलख्यान

सहज बुद्धिमत्ता के सहारे विषाक्त हितैषिता ‎की फांस से ‎‎‘मतबल’ ‎को बाहर रखना जरूरी है

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारतीय स्टेट बैंक ने चुनावी चंदा (Electoral Bonds) ‎ से संबंधित कागजात मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यालय को सौंप दिया है। भारतीय बैंकिंग व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाये रखने की दृष्टि से यह सुकून की...

आम चुनाव में नागरिकता पर बवंडर के बीच लोकतंत्र की फाइनल परीक्षा

कल भारत सरकार ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (Citizenship (Amendment) Act, 2019)‎ की अधिसूचना जारी कर दी है। नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (Citizenship (Amendment) Act, 2019)‎ में निहित सरकार की नीयत को लेकर काफी भ्रम और विरोध रहा है।...

लोकतंत्र के जीवंत स्पंदन में इस्तीफों का क्रीड़ा और क्रंदन

सामने 2024 में लोक सभा का आम चुनाव है। यह आम चुनाव कई कारणों से भारत के लोकतंत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस आम चुनाव की अधिसूचना दो-चार दिन में ही हो जाने की देश को उम्मीद है।...

तर्कसंगत होने की स्वतंत्रता और विचार लोकतंत्र के कायम और जारी रहने को सुनिश्चित करता है

जीवन में आस्था और विश्वास का अपना महत्व है। आस्था और विश्वास मन को शांत और समृद्ध कर सकते हैं, इन से मनःस्थिति तो बदल सकती है, वस्तु-स्थिति नहीं बदल सकती है। धार्मिक भावनाओं का संबंध मनःस्थिति से होता...

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: महिला दिवस रिवाज नहीं, इतिहास की गहरी घाटियों से आती हुई आवाज है

आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ‎है। आज महिला दिवस की प्रेरणा और परिस्थिति को याद करने का दिन है। सभ्यता के परिप्रेक्ष्य को सही करने के लिए प्रयासों को ‎दुहराते रहने के संकल्पों का दिन है। यों ही नहीं आया...

लोकतंत्र में मतदाताओं को भरोसा की तलाश है, तो चुनावी भरोसा हो सकता है फिजिटली फिट!

भरोसा बचाना और भरोसा के काबिल बने रहना जीवन सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। बहुत कुछ खोकर भी बचा रहता है भरोसा। भरोसा कि सब कुछ नहीं भी तो, जीने के लिए कुछ-न-कुछ मिल सकता है। उम्मीद पर लोग...

‘बड़ों के वर्चस्व’ का इनकार और ‘छोटों के सर्वस्व’ के स्वीकार का मार्मिक और न्याय ‎‎संगत आश्वासन है लोकतंत्र ‎

‎मतदान के लिए मन बनाते समय आम नागरिकों को किसानी अर्थव्यवस्था से जुड़ी ‎समस्याओं, सुरसा के मुंह की तरह बढ़ती हुई महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिलाओं तथा ‎कमजोर नागरिकों की सामाजिक सुरक्षा, नागरिक जीवन की आंतरिक व्यवस्था जैसे गंभीर ‎मुद्दों...

लोकतंत्र में ‘व्यावहारिक अड़चनों’ ‎को दूर करने का उपाय है चुनाव

सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी दान (Electoral Bonds) के संदर्भ में एक बहुत संवेदनशील निर्णय सुनाया था। न सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ने इस चुनावी दान (Electoral Bonds) न सिर्फ असंवैधानिक बताया था, बल्कि चुनावी दान (Electoral Bonds) जारी करने वाले...

फैसला जनता को करना है, अवाक लोकतंत्र चाहिए या बोलता लोकतंत्र

3 मार्च, 2024 पटना का प्रसिद्ध गांधी मैदान एक फिर ऐतिहासिक बदलाव को हवा में तरंगित करने में कामयाब हो गया। निश्चित रूप से इस रैली का भारी प्रभाव भारत की चुनावी राजनीति पर पड़े बिना नहीं रह सकता...

आदर्श का औपचारिक बनकर रह जाना भावात्मक और बौद्धिक दुर्गति की कथा लिखता है

केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रेस वार्ता में राजनीतिक दलों एवं प्रचारकों से अनुरोध और अपील किया है कि आदर्श आचार संहिता की मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। आचार संहिता का उल्लंघन किये जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।...

About Me

76 POSTS
0 COMMENTS

Latest News

जौनपुर में आचार संहिता का मजाक उड़ाता ‘महामानव’ का होर्डिंग

भारत में लोकसभा चुनाव के ऐलान के बाद विवाद उठ रहा है कि क्या देश में दोहरे मानदंड अपनाये जा रहे हैं, खासकर जौनपुर के एक होर्डिंग को लेकर, जिसमें पीएम मोदी की तस्वीर है। सोशल मीडिया और स्थानीय पत्रकारों ने इसे चुनाव आयोग और सरकार को चुनौती के रूप में उठाया है।