Tuesday, November 29, 2022

सत्यपाल सिंह

भारतीय समाज में मार्क्स से पहले सैकड़ों हजारों ज्योतिबा की जरूरत है

वैश्विक संदर्भों में कई बार ये सवाल उठता है कि आखिर भारत में इतनी असमानता और गरीबी होने के बावजूद, ये तबका वर्ग संघर्ष की कसौटी पर एकजुट क्यों नहीं हो सका? इतनी बड़ी संख्या में मजदूर और गरीब...

पहाड़ी समाज का वर्ग विभाजन और आपदाओं का दुःख

हिमालयी क्षेत्र के लोग हर घड़ी मौत के साए में जीवन जिए जा रहे हैं। जो कोई नहीं देखना चाहता वो न देखे, लेकिन जो पहाड़ को करीब से जानता और समझता है, उसे पता है कि उच्च हिमालयी...

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कस्तूरबा नगर पर DDA की कुदृष्टि, सर्दियों में झुग्गियों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी?

60-70 साल पहले ये जगह एक मैदान थी जिसमें जगह-जगह तालाब थे। बड़े-बड़े घास, कुँए और कीकर के पेड़...