डॉ. सिद्धार्थ

ग्राम्शी के आर्गेनिक जन बुद्धिजीवी के प्रतिमान राहुल सांकृत्यायन 

“अंत में मनुष्य अवश्य अपने ध्येय पर पहुंचेगा। वह ध्येय है-समस्त मानवों की समता, परस्पर प्रेम और… Read More

  हिंदी पट्टी की बहुजन राजनीति को कैसे निगल रही है भाजपा

हिंदी पट्टी में राजनीतिक वर्चस्व भारत की केंद्रीय सत्ता पर राजनीतिक वर्चस्व का रास्ता खोलता है। हिंदी… Read More

हिंदी पट्टी: वर्ण-जातिवादी और पितृसत्तात्मक संस्कृति का ह्रदयस्थल

हिंदी पट्टी को आर्यावर्त और गाय पट्टी के रूप में भी जाना जाता है। इसका भौगोलिक विस्तार… Read More

भारत के 98 अरबपतियों के पास 55.5 करोड़ लोगों के बराबर संपत्ति, 84 प्रतिशत परिवारों की आय घटी: ऑक्सफैम रिपोर्ट

जहां एक ओर आरएसएस-भाजपा ने पूरे देश में एक धार्मिक उन्मादी माहौल खड़ा करके लोगों को हिंदू-मुसलमान… Read More

नये चिंतन, विचार और ज्ञान की सर्जक थीं सावित्री बाई फुले

सावित्रीबाई फुले का व्यक्तित्व बहुआयामी है। वह महान शिक्षिका, बहुजनों और महिलाओं की मुक्ति के लिए संघर्ष… Read More