Sunday, October 17, 2021

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सुशील मानव

पहली बार आंचल का परचम बना तानाशाह के मुकाबिल हैं महिलाएं

देश तो बहुत दूर की बात है जनाब, ‘महिलाओं का कोई घर नहीं होता’ ऐसी जाने कितनी कहावतें भारतीय समाज का सच रही हैं। सनद रहे कि यहां जब मैं भारतीय समाज कह रहा हूं तो इसमें हिंदू, मुस्लिम,...

फासीवाद को सबसे बड़ा खतरा कला से लगता है

कलाकार (कवि, फिल्म लेखक, संगीतकार, आर्ट एक्टिविस्ट) मयंक मुंबई से दिल्ली तक एनआरसी-सीएए-एनपीआर के खिलाफ़ देशभर में चल रहे जनांदोलन में अपनी कला के जरिए प्रतिरोध को अलग ही मुकाम दे रहे हैं। जनचौक के लिए सुशील मानव से...

सीएए और एनआरसी के खिलाफ़ धरने पर कला

मौजूदा सरकार द्वारा सीएए, एनआरसी और एनपीआर के द्वारा देश की अवाम के खिलाफ़ छेड़े गए युद्ध के प्रतिरोध में व्यापक जन आंदोलन उठ खड़ा हुआ है। मुल्क, संविधान और इंसान बचाने के इस जन आंदोलन में कलाकारों की...

दिल्ली चुनाव में बेघरों का मुद्दा क्यों नहीं

जनवरी जाने को है। देश भर में बारिश के बाद ठंड वापस अपनी रंगत पर है। जमीन गीली, आसमान गीला, हवाएं गीली। एक गीली ठंडी सुबह मैं दिल्ली के चक्कर लगाता हूं। कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क, जंतर मंतर, मंडी...

निजामुद्दीन ग्राउंड रिपोर्टः अगर अब नहीं जागे तो बहुत देर हो जाएगी

भारी पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के बीच बरसते आसमान के नीचे तीन दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हैं निजामुद्दीन की महिलाएं और बच्चे। जबर्दस्त उत्साह से भरे दूसरी, तीसरी चौथी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे चार्ट में नारे...

गोडसे के मुकाबिल आवाम की रूह में जिंदा हो गए हैं गाँधी

सूर्यास्त के बाद शाम के धुंधलके में शाहीन बाग़ के मंच से गांधी का पसंदीदा भजन गाया जाता है- रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीताराम, ईश्वर अल्लाह तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान.............। गांधी कीर्तन के बाद मंच से अपील की...

दिल्ली चुनावः शरजील, शाहीन बाग में दीपक-सुधीर की जोड़ी यानी एजेंडा फिक्स करने की रणनीति

दिल्ली में आठ फरवरी को 70 सीटों के लिए वोट डाले जाने हैं। झारखंड चुनाव हारने के बाद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री दिल्ली चुनाव प्रचार में जी जान से जुटे हैं। भाजपा एनडीएमसी का चुनाव भी लड़ती है तो पाकिस्तान...

पीएम साहब! इन बच्चों के मन की बात भी सुनिए एक बार

एनआरसी-सीएए विरोधी आंदोलनों में छोटे बच्चों की अच्छी खासी संख्या देखने को मिल रही है। कुछ बहुत छोटे बच्चे अपनी धरनारत मांओं के साथ दिन-रात धरने पर रहने को विवश हैं। कुछ बच्चे अपनी भागीदारी खुद निर्धारित कर रहे...

सुंदर नगरी ग्राउंड रिपोर्टः सर्द रातों में छह दिन की बच्ची भी सीएए के खिलाफ प्रदर्शन में

हमारे आपके यहां बच्चा जन्म लेता है तो हम उसे बहुत संजोते, जोगउते हैं। घर के बड़ी-बूढ़ियां पल-पल हिदायत देती रहती हैं कि ख़बरदार बच्चे को बाहर ले गए तो हवा-बतास लग जाएगी, लेकिन इस कड़ाके की ठंड और...

ग्राउंड रिपोर्टः मजबूर कॉलोनी का नारा है, हिंदुस्तान हमारा है

‘मजबूर कॉलोनी का नारा है, हिंदुस्तान हमारा है’। ये बिल्कुल यूनिक सा नारा अपनी राष्ट्रीयता को क्लेम करते हुए अनशन पर बैठी मजबूर नगर, मंडावली दिल्ली की स्त्रियों ने गढ़ा है। बता दें कि देश में एनपीआर-एनआरसी-सीएए के खिलाफ़...

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700 शहादतें एक हत्या की आड़ में धूमिल नहीं हो सकतीं

11 महीने पुराने किसान आंदोलन जिसको 700 शहादतों द्वारा सींचा गया व लाखों किसानों के खून-पसीने के निवेश को...

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