उर्मिलेश

पुस्तक समीक्षा-दावानल: इन्साफ़ की गैरमौजूदगी में बस्तर का सच दर्ज करने की बेहतरीन कोशिश

विख्यात समाजशास्त्री नन्दिनी सुन्दर बस्तर की गंभीर अध्येता हैं। वह बस्तर के सघन जंगली इलाकों में बहुत… Read More

भारतीय समाज व सत्ता के लोकतांत्रिक होने की चुनौतियां और सामाजिक न्याय का सवाल

हमारे समाज और साहित्य में समता और सामाजिक न्याय के विचारों और मूल्यों की मौजूदगी काफी पहले… Read More

कुछ चुनिंदा एंकरों के बहिष्कार मात्र से मीडिया का मिज़ाज क्यों नहीं बदलेगा?

इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव एलायंस (INDIA) ने देश के कुछ प्रमुख टीवी चैनलों के 14 एंकरों के… Read More