Thursday, February 9, 2023

उर्मिलेश

‘करगिल के खलनायक’ ने क्या सचमुच भारत-पाक शत्रुता को खत्म करना चाहा था?

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और अपने दौर के ‘सर्व-शक्तिमान’ परवेज मुशर्रफ का इंतकाल पाकिस्तान से बहुत दूर दुबई के एक अस्पताल में गत 5 फरवरी को हुआ। अच्छी बात है कि मौजूदा पाकिस्तानी हुकूमत ने मुशर्ऱफ के परिवार वालों...

कबीर और कबीरपंथः ब्रिटिश शोधकर्ता एफ ई केइ की मशहूर किताब का पहला हिंदी अनुवाद

कबीर और कबीरपंथ ब्रिटिश शोधकर्ता और लेखक एफ ई केइ (फ्रैंक अर्नेस्ट केइ) की मशहूर और ऐतिहासिक महत्व की किताब-कबीर एंड हिज फालोवर्स (1931) का हिंदी अनुवाद है। मूल पुस्तक अंग्रेजी में पहली बार एसोसिएशन प्रेस, कलकत्ता से छपी...

शरद यादव: जिनका होना अभी जरूरी था

शरद यादव नहीं रहे। उनका आकस्मिक निधन बहुत दुखद और स्तब्धकारी है। अपनी लंबी अस्वस्थता से उबरकर वह धीरे-धीरे स्वस्थ और सक्रिय हो रहे थे। पिछले साल, मार्च में उन्होंने अपने दल-लोकतांत्रिक जनता दल(LJD) का राष्ट्रीय जनता दल(RJD) में...

जनगणना में जाति को शामिल करना क्यों समाज और विकास के हक में है?

वर्ग और वर्ण आधारित भीषण गैरबराबरी, जटिल और असहज वर्गीय रिश्तों में पिचकते भारतीय समाज में जब कभी वर्गीय और वर्णीय(जातिगत) रिश्तों में सुधार की बात या कोशिश होती है, समाज और राजनीति में सक्रिय कुछ खास श्रेणियों और...

राहुल गांधी की भटकती भारत जोड़ो यात्रा

अपनी भारत जोड़ो यात्रा में मध्य प्रदेश पहुंचते ही राहुल गांधी का अचानक ‘व्यक्तित्वांतरण’ हो गया! अपनी पदयात्रा में अब तक वह बेरोजगारी, महंगाई, सत्ताधारियों की विभाजनकारी और समुदायों के बीच दरार पैदा करने वाली सांप्रदायिक नीतियां जैसे प्रमुख...

आर्थिक आधार पर आरक्षण को जायज ठहराना क्यों संविधान-सम्मत नहीं है?

भारत में सामाजिक न्याय से जुड़े मसलों पर जब भी कोई वृत्तांत या इतिहास लिखा जायेगा, 7 नवम्बर, 2022 के दिन और तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ को जरूर याद किया जायेगा। उच्चवर्ण या...

आस्ट्रेलिया का वह बैनर और हमारा अदृश्य नवजागरण-सोया आत्मबोध

इन दिनों हमारे एक मित्र आस्ट्रेलिया गये हुए हैं। उनका बेटा वहीं रहता है। हाल ही में उन्होंने मुझे वहां की एक तस्वीर भेजी। यह बिल्कुल साधारण सी है। इसमें हमारे मित्र या उनके परिवार के किसी सदस्य का...

मुलायम सिंह यादव: अलग-अलग दौर में अलग-अलग मुलायम

चौधरी चरण सिंह के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों और पिछड़ों के बीच जिस नेता ने सर्वाधिक लोकप्रियता हासिल की, वह मुलायम सिंह यादव ही थे। सन् साठ और सत्तर के दशक में उन्होंने सोशलिस्ट कार्यकर्ता के तौर पर...

कांग्रेस अपना ही बंटाधार करने पर क्यों आमादा है?

यह सिर्फ भारत की सबसे पुरानी और सबसे अधिक समय तक सत्ता में रह चुकी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जैसी बड़ी पार्टी ही कर सकती है। पहले उसने अपने 72 वर्षीय निर्वाचित मुख्यमंत्री से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई। फिर...

मेरी रॉयः एक विदुषी जो सामाजिक योद्धा भी थीं

केरल की विख्यात शिक्षाविद् और महिला अधिकार कार्यकर्ता मेरी रॉय (1933-2022) नहीं रहीं। वह सुप्रसिद्ध अंग्रेजी लेखिका और विचारक अरुंधति रॉय की मां थीं।  मेरी रॉय से हमारी पहली मुलाकात सन् 2006 में हुई। उनका लंबा इंटरव्यू किया, जो उसी साल...

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‘उफ़! टू मच डेमोक्रेसी’: सादा ज़बान में विरोधाभासों से निकलता व्यंग्य

डॉ. द्रोण कुमार शर्मा का व्यंग्य-संग्रह ‘उफ़! टू मच डेमोक्रेसी’ गुलमोहर किताब से प्रकाशित हुआ है। वैसे तो ये व्यंग्य ‘न्यूज़क्लिक’...