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उर्मिलेश

बिहार महागठबंधन की सबसे कमजोर कड़ी कांग्रेस क्यों?

बिहार विधानसभा की कुल 243 में 70 सीटों पर कांग्रेस ने उम्मीदवार दिये हैं। ये 70 सीटें उसे राजद-कांग्रेस-वाम महागठबंधन…

2 days ago

कांशीराम स्मरणः खवासपुर के फकीर का राजनीतिक सफर और आज की बहुजन राजनीति!

हिंदी-भाषी क्षेत्र में बहुजन-राजनीति के नायक और बेमिसाल संगठक कांशीराम जी का आज परिनिर्वाण दिवस है। सन् 2006 में आज…

3 weeks ago

हिंदी दिवस सिर्फ एक फालतू कर्मकांड ही नहीं, राष्ट्रीय क्षति भी!

लंबे समय तक मैं हिंदी दिवस के कार्यक्रमों में जाया करता था। एक हिंदी पत्रकार होने के नाते मुझे इस…

1 month ago

हमेशा जनता के आदमी बन कर रहे स्वामी अग्निवेश

स्वामी अग्निवेश का जाना बेहद दुखद! वह ऐसे समय गये हैं, जब उन जैसे लोगों की हमारे समाज को आज…

2 months ago

महामारी के बीच स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्र के स्वास्थ्य पर प्रधानमंत्री के नये ऐलान का मतलब

भारत के स्वतंत्र देश बनने के बाद पहली बार हमने अपना स्वतंत्रता दिवस एक भयावह महामारी के बीच मनाया। ऐसी…

2 months ago

उर्मिलेश की कलम से: सपा-बसपा के परशुराम!

महामारी के इस भयावह दौर में जब सरकारें अपनी चौतरफा विफलताओं से लोगों का ध्यान हटाने की हर चंद कोशिश…

3 months ago

कश्मीर के विशेष दर्जा प्रावधान खत्म होने का एक सालः अंधेरी-बंद सुरंग में धरती का स्वर्ग!

यह बात सही है कि पिछले वर्ष 5 अगस्त को नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर का बचा-खुचा विशेष दर्जा…

3 months ago

अमर सिंह: मुलायम सिंह के संकट मोचक, जो उनके सबसे बड़े संकट भी थे

इस वक्त मुझे साल-महीना नहीं याद आ रहा है पर वो समाजवादी पार्टी की बुलंदी के दिन थे और पार्टी…

3 months ago

कांग्रेसः विचारहीनता और नेतृत्वहीनता का संकट

कर्नाटक और मध्य प्रदेश में ‘ऑपरेशन कमल’ की कामयाबी के बाद भारतीय जनता पार्टी को इस बार राजस्थान से उम्मीद…

4 months ago

विशेष आलेख: प्रचंड बहुमत से उभरती निरंकुशता और जनतंत्र का जमीनी सच

25 जून, 1975 को संविधान का सहारा लेकर इस देश के संवैधानिक लोकतंत्र और अवाम के साथ जो किया गया,…

4 months ago