उर्मिलेश

लालचौकःएक किताब जिसमें कश्मीर का समकालीन इतिहास और पत्रकारिता दोनों है

दिसम्बर के आखिरी हफ्ते में किसी दिन फोन पर आवाज आईः ‘सर, मैं रोहिण कुमार हूं—लालचौक नाम… Read More

निर्वाचन प्रणाली में दो बड़े सुधारों के बगैर दांव पर है चुनावों की विश्वसनीयता

हमारे शीर्ष सत्ताधारी नेताओं, बड़े नौकरशाहों और योजनाकारों ने कुछ बेहद सुंदर और सकारात्मक शब्दों के अर्थ… Read More

कृषि-कानून वापसी के बाद यूपी की चुनावी राजनीति में भाजपा के बड़े मंसूबे

दोहरे दबाव में कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अब… Read More

सावरकर के राष्ट्रवाद को अम्बेडकर ने भारत के लिए ख़तरनाक क्यों कहा था?

देश के मौजूदा सत्ताधारी जब कभी मौका पाते हैं, स्वतंत्रता आंदोलन के खास कालखंड के एक विवादास्पद… Read More

उत्तराखंड डायरी-2: उत्तराखंडी राजनीति का ‘बाम्हन-ठाकुर फ्रेम’और पचपन फीसदी सबाल्टर्न आबादी

तीन-चार दिनों के उत्तराखंड-प्रवास में राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलने की बजाय मैंने समाज के कुछ… Read More

उत्तराखंड डायरी-1: दो शताब्दियों की यादें, गिर्दा की कोठरी और पहाड़ के नये-पुराने दोस्त

फरवरी, 2020 के बाद यह पहला मौका था, जब मेरे जैसा घुमक्कड़ अपने घर-शहर से बाहर निकला।… Read More