उर्मिलेश

भंवर मेघवंशी की यात्राएं: सच की तलाश और प्रकृति से साक्षात्कार

‘मैं कारसेवक था’ जैसी कृति से खासतौर पर चर्चित हुए पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भंवर मेघवंशी का… Read More

एकाकीपन के सौ वर्षः गार्सीया मार्केस की महान् कृति

कोलम्बिया के नोबेल विजेता उपन्यासकार-पत्रकार गाब्रिएल गार्सीया मार्केस का वन हंड्रेड इयर्स आॉफ सॉलिट्यूड एक विश्व-प्रसिद्ध उपन्यास… Read More

लालचौकःएक किताब जिसमें कश्मीर का समकालीन इतिहास और पत्रकारिता दोनों है

दिसम्बर के आखिरी हफ्ते में किसी दिन फोन पर आवाज आईः ‘सर, मैं रोहिण कुमार हूं—लालचौक नाम… Read More

निर्वाचन प्रणाली में दो बड़े सुधारों के बगैर दांव पर है चुनावों की विश्वसनीयता

हमारे शीर्ष सत्ताधारी नेताओं, बड़े नौकरशाहों और योजनाकारों ने कुछ बेहद सुंदर और सकारात्मक शब्दों के अर्थ… Read More

कृषि-कानून वापसी के बाद यूपी की चुनावी राजनीति में भाजपा के बड़े मंसूबे

दोहरे दबाव में कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अब… Read More

सावरकर के राष्ट्रवाद को अम्बेडकर ने भारत के लिए ख़तरनाक क्यों कहा था?

देश के मौजूदा सत्ताधारी जब कभी मौका पाते हैं, स्वतंत्रता आंदोलन के खास कालखंड के एक विवादास्पद… Read More