उर्मिलेश

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता-वापसीः अमेरिका की मजबूरी, समर्पण या किसी नये षड्यंत्र का प्रकल्प?

अफगानिस्तान की सत्ता में तालिबान की वापसी को लेकर कुछ भारतीय मीडिया प्लेटफार्म्स और कथित सामरिक विशेषज्ञ… Read More

मीडिया संस्थानों पर छापेमारी के भारी विरोध के बीच संकीर्णता की कुछ आवाजें

गुरुवार की सुबह, दैनिक भास्कर समूह के दफ्तरों और उसके मालिकों के घरों पर सरकारी एजेंसियों की… Read More

कुछ चुनाव-रणनीतिकार अगर सीएम-पीएम बनाने लगें तो बचे-खुचे लोकतंत्र का क्या होगा?

नेताओं और दलों को ‘चुनाव रणनीति’ बताने और बनाने वालों के ‘बाजार’ के किसी ‘कामयाब कारोबारी’ को… Read More

उपन्यास, आलोचना और वीरेंद्र यादव का समाज-बोध

मार्क्सवादी साहित्यालोचक वीरेंद्र यादव के कुछ लेख और टिप्पणियां मैंने पढ़ी थीं। पर उनकी आलोचनात्मक पुस्तक पढ़ने… Read More

कोराना से निपटने की सरकारी नाकामी हो या वैकल्पिक राजनीति की दरिद्रता, दोनों का असल कारण है-हिन्दुत्व !

दुनिया में  हम सचमुच अनोखे देश हैं! इसलिए कई बार विश्वास नहीं होता कि आजादी के सात… Read More

चौधरी अजित सिंहः एक सरल व्यक्तित्व जो प्रौद्योगिकी का ज्यादा था राजनीति का कम!

राष्ट्रीय लोकदल नेता चौधरी अजित सिंह का आज निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से कोरोना-संक्रमित… Read More

ये बेलगाम मौतें सिर्फ त्रासदी नहीं, एक स्वतंत्र-राष्ट्र की विफलता का खूनी स्मारक भी हैं

हमारे मुल्क में इतिहास से ज्यादा मिथकों की रचना होती रही है। लंबे समय तक हमारा इतिहास… Read More

बंगाल में हिन्दुत्वा-कारपोरेट वैचारिकी का सबाल्टर्न-मुखौटा कितना कारगर होगा?

बंगाल के चुनावी नतीजे चाहे जो हों लेकिन चुनाव प्रचार की रणनीति के स्तर पर भारतीय जनता… Read More