बस्ती : पुलिस हिरासत में बर्बर पिटाई से नाबालिग की मौत, पीड़ित परिवार से मिला भाकपा-माले का जांच दल

Estimated read time 1 min read

लखनऊ। भाकपा (माले) के तीन सदस्यीय जांच दल ने बस्ती जिले में हिरासत में पुलिस की बर्बर पिटाई से नाबालिग आदर्श उपाध्याय (16 वर्ष) की हुई मौत मामले में शुक्रवार को दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाई गांव का दौरा किया। जांच दल ने शोक संतप्त परिवार से भेंट की, उन्हें सांत्वना दी और तथ्यों की जानकारी ली।

राज्य सचिव सुधाकर यादव ने जांच दल की रिपोर्ट को आज यहां जारी करते हुए कहा कि घटना में लिप्त दोषियों को बचाने की कोशिश हो रही है। घटना के चार दिन बीतने के बावजूद हत्यारे पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई है। प्रशासन से लेकर सत्ताधारी दल के विधायक व नेता लीपापोती में जुट गए हैं। पुलिस बेलगाम हो गई है। योगी सरकार द्वारा पुलिस को दी गयी खुली छूट घटना के लिए जिम्मेदार है। हिरासती मौत की घटनाएं प्रदेश में रुक नहीं रही हैं। मानवाधिकारों की कोई कद्र नहीं है। योगी सरकार खुद की पीठ थपथपाने में लगी है, जबकि प्रदेश में जंगलराज है।

जांच दल को मृतक के घर पर उपस्थित पिता, चाच, बड़े दादा व परिजनों ने बताया कि 24 मार्च (सोमवार) को दोपहर में आदर्श उपाध्याय का तम्बाकू (खैनी) को लेकर गांव के अशोक गुप्ता से मामूली विवाद हो गया। अशोक ने 112 नंबर पर शिकायत दर्ज कर पुलिस बुला ली। पुलिस आई और आदर्श उपाध्याय को घर से उठा कर दुबौलिया थाने ले गई। देर शाम आदर्श के पिता व परिवार के लोग दुबौलिया थाने पहुंचे, तो पुलिस द्वारा 5000 रुपये की मांग की गई।

परिजनों ने बताया कि रिश्वत की मांग पूरी नहीं करने पर पुलिस ने आदर्श उपाध्याय को नहीं छोड़ा। रात में आदर्श की बर्बर पिटाई की। मृतक के शरीर पर पैर से लेकर, पीठ व सीने पर गहरी चोटें थीं। दूसरे दिन दोपहर में नाबालिग (आदर्श) पर चोरी का फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। ऐसा पुलिस ने खुद को बचाने के लिए किया।

बुरी तरह मारने-पीटने से खराब हुई हालत देखकर सादे वेश में पुलिस आदर्श को गांव (उभाई) के घर पर छोड़ कर भाग गई। घर पर उसे खून की उल्टियां होने लगीं। हालत बिगड़ते देखकर घबराये परिवार के लोग इलाज के लिए सरकारी अस्पताल हरैया ले गए, जहां दुबौलिया पुलिस पहले से ही पहुंची हुई थी। अस्पताल में इलाज के दौरान रात में आदर्श उपाध्याय की मृत्यु हो गयी।

मृतक के घरवालों ने माले जांच दल को बताया कि अगली सुबह ही स्थानीय भाजपा विधायक अजय सिंह घर पहुंच कर दबाव बनाने लगे कि वे अपनी उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराएंगे। विधायक लाश को बस्ती पोस्टमार्टम हाउस ले गए। बाद में दो पुलिसकर्मी निलंबित और थानाध्यक्ष लाइन हाजिर हुए। इनके विरुद्ध कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। परिवार के लोगों ने अपनी पूरी आशंका व्यक्त करते हुए बताया कि भाजपा विधायक व नेताओं का सहयोग हमारे लिए दिखाने मात्र को था, जबकि पूरा सहयोग थाना अध्यक्ष जितेंद्र सिंह की नौकरी बचाने के लिए था।

भाकपा (माले) जांच दल ने मांग की है कि थानाध्यक्ष समेत हत्यारे पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर अविलंब जेल भेजा जाए। दोषियों को ऐसी सजा दी जाए, जो मिसाल बने। मामले में लापरवाही के लिए बस्ती जिले के एसपी व डीएम को भी दण्डित किया जाय। पीड़ित परिवार को पर्याप्त आर्थिक सहायता दी जाए।

भाकपा (माले) जांच दल का नेतृत्व राज्य समिति सदस्य कामरेड रामलौट ने किया। उनके अलावा पार्टी के स्वदेश मिश्रा व भागीरथी गौतम जांच दल में शामिल थे।

इस बीच, बस्ती में हिरासत में पुलिस की पिटाई से नाबालिग आदर्श की मौत और प्रतापगढ़ में रानीगंज थानाक्षेत्र के दुर्गागंज बाजार स्थित एक निजी अस्पताल की कर्मी दलित युवती (22 वर्ष) की गैंगरेप के बाद हत्या की गुरुवार को हुई घटना के खिलाफ रायबरेली जिला मुख्यालय पर भाकपा (माले) ने शनिवार को प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल की संबोधित ज्ञापन दिया गया।

(प्रेस विज्ञप्ति)

+ There are no comments

Add yours

You May Also Like

More From Author