Tuesday, November 30, 2021

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भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे चंपत राय और निंबाराम ही हैं संघ के असली चेहरे

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शीर्ष प्रचारकों को क्या हो गया है? राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का दावा है कि वह राष्ट्र सेवा के लिए व्यक्तियों के चरित्र निर्माण का काम करता है। इस काम में उसके करोड़ों स्वयंसेवक, पदाधिकारी और प्रचारक तथा विस्तारक लगे हुये हैं। लेकिन पिछले एक महीने के दौरान उत्तर प्रदेश में प्रचारक रहे चंपत राय जो वर्तमान में श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के सचिव हैं और राजस्थान में संघ के क्षेत्रीय प्रचारक रहे निंबाराम गलत कारणों से चर्चा में हैं। चंपत राय पर ट्रस्ट के लिए जमीन खरीदी और उनकी शह पर नगीना बिजनौर में 50 करोड़ की भूमि पर उनके परिवार के अवैध कब्जे के आरोप हैं तो राजस्थान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक रहे निंबाराम सहित 4 लोगों के खिलाफ एसीबी ने भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। चंपत राय और निंबाराम जांगिड आरएसएस के लिए शर्मिंदगी का कारण बन गये हैं।

जयपुर ग्रेटर नगर निगम में सफाई कंपनी बीवीजी के बिल पास करने की एवज में 20 करोड़ रुपए की रिश्वत की लेन देन की बातचीत के वीडियो के आधार पर एसीबी ने यह कार्रवाई की है। राजस्थान में यह पहला मौका है जब आरएसएस के किसी प्रचारक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में एसीबी ने केस दर्ज किया है। बीवीजी रिश्वत कांड में जयपुर ग्रेटर की निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर और बीवीजी कंपनी के दो प्रतिनिधियों के साथ निंबाराम को भी आरोपी बनाया गया है। राजाराम को एसीबी गिरफ्तार कर चुकी है। पिछले दिनों दो वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें सौम्या गुर्जर के पति राजाराम गुर्जर, बीवीजी कंपनी प्रतिनिधि संदीप चौधरी और निंबाराम दिखाई दे रहे हैं।

इन वीडियो में बिल पास करने के एवज में 20 करोड़ के लेन देन की बात है। रिश्वत की इस पूरी बातचीत के वक्त निंबाराम भी वीडियो में दिख रहे हैं, और बराबर बातचीत कर रहे हैं। घूसकांड के बारे में बातचीत के दो वायरल वीडियो में निंबाराम दिख रहे हैं। इन वीडियो के आधार पर ही निंबाराम को भी केस में एसीबी ने आरोपी बनाया है।

वायरल वीडियो में सौम्या गुर्जर के पति राजाराम और आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम दिख रहे हैं। राजाराम और बीवीजी कंपनी का प्रतिनिधि बकाया पेमेंट के बदले 10 फीसदी कमीशन पर बात करते हैं। उस वक्त निंबाराम भी बीच-बीच में हस्तक्षेप करते हैं। निंबाराम एक जगह कह रहे हैं ये पुराने स्टेटमेंट बोल रहे हैं।

राजाराम और बीवीजी कंपनी प्रतिनिधि संदीप चौधरी पेमेंट और उसके बदले कमीशन पर बात कर रहे हैं। इस पर बीच में निंबाराम राजाराम से कहते हैं- वो तो हो गया है, आपके पार्षद, समितियों के अध्यक्ष वो इन्हें जाकर ब्लैकमेल करेंगे, तो ये क्या करेंगे आप इसमें मत पड़ो, ये जाने इनका काम जाने। जब राजाराम कहता है कि ये सब काम कराने में एक्सपर्ट है तो निंबाराम कंपनी का पक्ष लेते हुए राजाराम से कहते हैं, ये क्या करेंगे इन्हें तो काम कराना है शांति से चलना है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राजस्थान में अपने प्रचारक की करतूत से लगे कलंक को धोने में लगा ही हुआ है कि दूसरी ओर अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट तीर्थ क्षेत्र ने ज़मीन ख़रीद में बड़ा खेला कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ मंदिर ट्रस्ट ने दस मिनट पहले दो करोड़ रुपए में बैनामा हुई एक ज़मीन को मात्र दस मिनट बाद ही साढ़े अठारह करोड़ रुपए में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के जरिये ख़रीद लिया। बैनामा करवाने में और रजिस्टर्ड एग्रीमेंट करवाने में राममंदिर ट्रस्ट के लोग शामिल हैं। इसके अलावा कई और जमीनों का अत्यधिक बढ़े मूल्यों पर ट्रस्ट ने बैनामा कराया है। यहाँ तक कि नजूल की जमीन की रजिस्ट्री भी ट्रस्ट के पक्ष में करवायी गयी है,जिसकी रजिस्ट्री कानूनन हो ही नहीं सकती।

श्री रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के सचिव चंपत राय पर एक नया आरोप लगा है। आरोप में कहा गया है कि चम्पत राय कि शह पर नगीना बिजनौर में 50 करोड़ की भूमि उनके परिवार के लोगों ने कब्ज़ा ली है। ब्रज फाउंडेशन मथुरा के संचालक वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण ने आरोप लगाया है कि अलका लाहोटी की गौशाला की जमीन के एक बड़े हिस्से को चम्पत राय के परिवार वालों ने कब्ज़ा कर लिया है और उस पर डिग्री कालेज बनवा दिया। चंपत राय के प्रभाव की वजह से प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस बारे में एक पत्र भी विनीत नारायण ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखा है।चंपत राय के रिश्तेदारों ने विनीत नारायण के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज़ कराया है।

पत्र के मुताबिक अलका लाहोटी नगीना बिजनौर की रहने वाली हैं और इस समय इंडोनेशिया में रहती हैं। नगीना में उनकी एक गौशाला, श्री कृष्ण गौशाला के नाम से थी। जिसकी भूमि चंपत राय के घर परिवार वालों ने कब्जा कर के इसी नाम से एक डिग्री कॉलेज खोल दिया है। वे अपनी ज़मीन और गौशाला खाली कराने के लिये प्रयास कर रही हैं, पर चंपत राय के दबाव में सरकार उनकी नहीं सुन रही है।

रुहेलखंड यूनिवर्सिटी ने अलका लाहोटी के आरोपों को सही माना है। चंपत राय ने अपने गृह नगर में धर्मार्थ श्री कृष्ण गौशाला की 20 हज़ार वर्ग मीटर ज़मीन (क़ीमत लगभग ₹ 50 करोड़) पर अपने भाइयों से क़ब्ज़ा करवाकर, उस पर अवैध डिग्री कॉलेज बनवाया और उसे विश्वविद्यालय से मान्यता दिलवाई। गौशाला की मालकिन अप्रवासी भारतीय महिला इंडोनेशिया से आकर संघर्ष कर रही हैं पर प्रशासन चंपत राय के दबाव में उनकी कोई मदद नहीं कर रहा – ऐसा उन्होंने फ़ोन पर बताया।

इंडोनेशिया में रहने वाली श्रीमती अलका लहोटी के पिता ने गौसेवा की भावना से श्री कृष्ण गौशाला की स्थापना सन पचास के दशक में की थी। ये गौशाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उपनगर नगीना (बिजनौर) के मध्य में स्थित है। जो आजकल राममंदिर भूमि ख़रीद विवाद में चर्चित चंपत राय का भी गृह नगर है। श्रीमती लाहोटी के पति इंडोनेशिया से नियमित पैसे भेजकर यहाँ 150 गायों की सेवा कर रहे हैं। इन्हें विदेश में बसा जानकर श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय जी भाई बंधुओं ने इस गौशाला की 20 हज़ार वर्ग मीटर ज़मीन पर अवैध क़ब्ज़ा कर लिया और एक डिग्री कालेज की स्थापना कर दी। लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से उस का नाम भी श्री कृष्ण डिग्री कॉलेज रख दिया। इस कॉलेज को बनवाने में उनके कुटुम्बियों ने चंपत राय जी के प्रभाव का खुल कर दबंगई से प्रयोग किया। इस कॉलेज को विश्वविद्यालय से मान्यता दिलाने में भी चंपत राय जी की सक्रिय भूमिका रही।

जब जानकारी हुई तब अलका लाहोटी भागकर इंडोनेशिया से आयीं और अपने परिवार की धर्मार्थ गौशाला को इन भूमफ़ियाओं के क़ब्ज़े से मुक्त कराने के लिए 2018 से हर स्तर पर लगातार संघर्ष कर रही हैं। इस पूरे कांड की सारी जानकारी संघ परिवार, भाजपा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा सहित भी महत्वपूर्ण लोगों को है। ज़िला प्रशासन की जाँच में और इस कॉलेज को मान्यता देने वाले महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (बरेली) की जाँच रिपोर्ट में ये अवैध क़ब्ज़ा सिद्ध हो चुका है, पर चपत राय के राजनैतिक दबदबे के सामने सब चुप हैं।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।) 

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