संस्कृति-समाज

मोहन राकेश ने अपने बारे में पूरी ईमानदारी से लिखा : जयदेव तनेजा

नई दिल्ली। साहित्योत्साव के पांचवें दिन ‘भारत की अवधारणा’ पर विचार-विमर्श के साथ ही प्रख्यात लेखक मोहन… Read More

बनारस लिट फेस्ट: साहित्य की आत्मा से दूर, कृत्रिम चमक-दमक और खाए-पिए-अघाए लोगों का महोत्सव !

वाराणसी। बनारस यानी काशी, जो भारतीय साहित्य और संस्कृति की आत्मा है, जहां तुलसी ने रामचरितमानस की रचना… Read More

सावित्रीबाई फुले: आधुनिकता के सभी अर्थों में भारत की पहली आधुनिक महिला

हिन्दू धर्म, सामाजिक व्यवस्था और परम्परा में शूद्रों और महिलाओं को एक समान माना गया है। अतिशूद्रों… Read More

स्मृति शेष : ‘दुनिया के संकट को हल करने की चाबी साम्यवाद में है’ शायर और डायलॉग राइटर अख़्तर-उल-ईमान

अख़्तर-उल-ईमान अपने दौर के संज़ीदा शायर और बेहतरीन डायलॉग राइटर थे। अक्सर लोग उन्हें फ़िल्मी लेखक के… Read More

प्रेम, सौंदर्य और संघर्ष के नये प्रतिमान गढ़ती भाषा सिंह की कविताएं

कवयित्री के रूप में भाषा सिंह को अनेक बार सुना है, कभी मंडी हाउस में श्रीराम सेंटर… Read More

सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूं गुजरी है अब तलक’ का मुम्बई में हुआ लोकार्पण

मुम्बई। हिन्दी सिनेमा की सुपरिचित निर्माता, निर्देशक और लेखक सीमा कपूर की आत्मकथा ‘यूं गुज़री है अब… Read More