लखनऊ में वासवी तोमर की संदिग्ध मृत्यु के विरोध में पैदल मार्च और मोमबत्ती प्रदर्शन

लखनऊ। उत्तराखंड के ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, भीमताल में बी.सी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा वासवी तोमर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में परिवार को न्याय दिलाने के लिए लखनऊ में एक पैदल मार्च और मोमबत्ती प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम रविवार, 3 अगस्त 2025 को शाम 5 बजे आई.टी. चौराहे से शुरू होकर परिवर्तन चौक तक आयोजित हुआ।

वासवी तोमर, लखनऊ के मड़ियांव इलाके की रहने वाली और रामकृष्ण तोमर की पुत्री, 30 जुलाई 2025 को अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटकी पाई गई थीं। परिवार का दावा है कि उनकी मृत्यु आत्महत्या नहीं, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। अभी तक इस मामले में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) भी दर्ज नहीं की गई है।

घटना से एक दिन पहले, 29 जुलाई को वासवी ने एक प्रथम वर्ष की नर्सिंग छात्रा की रैगिंग को रोकने की कोशिश की थी और इसकी शिकायत अपनी वार्डन से की थी। अगले दिन, कक्षा से दोपहर 2:30 बजे लौटने के बाद, वह शाम 5:30 बजे अपने कमरे में मृत पाई गईं। परिवार को सूचना मिलने पर वे तुरंत नैनीताल पहुंचे और रात 2 बजे अस्पताल में वासवी का शव देखा। पोस्टमॉर्टम के बाद, शव को लखनऊ लाया गया और 1 अगस्त को अंतिम संस्कार किया गया।

परिवार का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन का व्यवहार सामान्य नहीं था और इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। मीडिया में भी इस खबर को प्रमुखता से नहीं दिखाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि रैगिंग को पूरी तरह से रोका जाए और वासवी की मृत्यु की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए।

पैदल मार्च में शामिल लोगों ने मोमबत्ती जलाकर वासवी को श्रद्धांजलि दी और इस दुखद घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। आयोजकों ने कहा, “हमारी मांग है कि रैगिंग जैसी अमानवीय प्रथाओं पर पूर्ण रोक लगे और वासवी के परिवार को न्याय मिले।”

(जनचौक की रिपोर्ट)

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