असम चुनाव में अपनी जीत का डंका पीटने वाले हिमंता विस्वा सरमा अब कांग्रेस के चक्रव्यूह में फंसते नज़र आ रहे हैं। उनकी पत्नी के तीन राष्ट्रों के पासपोर्ट होने तथा विदेशों में प्रापर्टी होने के आरोपों से एक नई लहर आसाम में उठी है जिसने चुनाव के ऐन वक्त फिज़ा में नये परिवर्तन के संकेत दे दिए हैं। भ्रष्टाचार के उनके चर्चे जोरों पर हैं।
बात दरअसल यह है कि कांग्रेस के गौरव गोगोई पर पाकिस्तानी एजेंट का फतवा लंबे समय से हिमंता जारी किए हुए थे जिसका असर देख हिमंता सरकार खुश थी और पुनः जीत के लिए आशान्वित थी।
कांग्रेस ने अपनी कुशल रणनीति का परिचय देते हुए वोटिंग के चंद दिन पहले विश्वा सरमा दम्पत्ति पर जो तीन विदेशी पासपोर्ट की बात ‘सप्रमाण’ सामने रखी है और पवन खेड़ा ने खुलकर कहा है कि बंटी बबली जेल जाएंगे। बंटी बबली की गूंज पूरे असम में छा गई है। कांग्रेस ने जिस तरह मौके पर नहले पे दहला मारा है उससे हिमंता विचलित हैं और पवन खेड़ा वा अन्य कांग्रेस नेताओं को जेल भेजने की बात कर रहे हैं। एफआईआर दर्ज कर ली गई है। एफआईआर भी दर्ज करने जा रहे हैं।
इसके पीछे की कहानी कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई को ‘पाकिस्तानी के एजेंट’ कहा जाना है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप हैं, जो 2026 के असम विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल में छा गए थे।
हिमंता बिस्वा सरमा ने दावा किया कि गौरव गोगोई ने 2013 में पाकिस्तान की एक गुप्त यात्रा की थी, जिसमें उन्होंने अपनी यात्रा का विवरण सार्वजनिक नहीं किया था। सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई की ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न का संबंध पाकिस्तान के एक एनजीओ से है और उन्होंने पाकिस्तान के लिए काम किया है।
उन्होंने यहां तक दावा किया कि गोगोई ने पाकिस्तान में आईएसआई से ट्रेनिंग ली है और वे पाकिस्तान के इशारे पर भारत में काम कर रहे हैं।
गौरव गोगोई ने इन आरोपों की तुलना एक काल्पनिक कहानी से की है और कहा है कि सार्वजनिक जीवन में इस तरह के बिना सबूत के आरोप लगाना लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है। गोगोई का कहना है कि सत्ता पक्ष चुनाव के दौरान मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है।यदि ये सब सच था तो भाजपा की केंद्र मे सरकार थी, अब तक उन्हें जेल में क्यों नहीं भेजा गया?
ताज़ा खबर ये है कि बिस्वा की पत्नी ने पवन खेड़ा के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी है। वहीं कांग्रेस सांसद ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उन्हें जांच का स्वागत करना चाहिए। अगर कांग्रेस असम में सत्ता में आती है, तो वह सरमा की कथित रूप से अघोषित विदेशी संपत्तियों और व्यापारिक गतिविधियों की जांच करेगी।इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस चुनाव आयोग गई है जहां सम्पत्ति का संपूर्ण विवरण ना देने पर हिमंता का फ़ार्म निरस्त करने की मांग की गई है।
कुल मिलाकर यह चुनाव अब महत्वपूर्ण हो गया है। हिमंता की पोल खुलने के बाद इसका उनके पोल पर बहुत असर पड़ने वाला है क्योंकि चुनाव करीब है और भ्रष्टाचार और तीन पासपोर्ट की बात बातरह फैल चुकी है।
(सुसंस्कृति परिहार एक्टिविस्ट और राजनीतिक टिप्पणीकार हैं।)