जब अदालतों पर सियासत की उंगली उठे- लोकतंत्र के आईने पर एक सियाह धब्बा

बयान कभी-कभी महज़ अल्फ़ाज़ नहीं होते, बल्कि वो आईना होते हैं, जिसमें किसी शख़्स की नीयत, सियासत… Read More

पुस्तक समीक्षा : मार्क्सवादी पद्धति से ‘गरीबी का चक्रव्यूह’ का विश्लेषण करती किताब

अवतार सिंह जसवाल की पुस्तक ‘गरीबी का चक्रव्यूह ‘ मजदूर वर्ग और कार्यकर्ताओं को शिक्षित करने की… Read More

वन विभाग की वृक्षारोपण योजना को लेकर क्यों आक्रोशित है ग्राम सभा ?

गढ़वा जिला अंतर्गत चिनिया रेंज में अवस्थित है मौजा हेताड़कला। बताया जाता है कि यहाँ वन विभाग… Read More

इस्तांबुल की फ़िज़ाओं में इंसानियत की सदा-जब आसिफ मुज़तबा की ख़ामोश आंखों से रौशनी बह निकली

इस्तांबुल/नई दिल्ली। कुछ लोग तारीख़ नहीं बदलते, तर्ज़-ए-फ़िक्र बदलते हैं। कुछ नाम अपने वजूद से नहीं, अपने… Read More

लातेहार पुलिस के जुल्म का शिकार आदिवासी अनिल को आखिरकार मिला इंसाफ और मुआवजा

झारखंड के लातेहार जिले के गारू थाना क्षेत्र और बरवाडीह प्रखंड के कुकु गांव निवासी 42 वर्षीय… Read More

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप के विवादित बयान ने वर्चस्ववादी संस्कृति पर खड़े कर दिए हैं गहरे प्रश्नचिंह  

सोशल मीडिया पर आज के जमाने के मशहूर फिल्म निर्देशक, अनुराग कश्यप के खिलाफ गंदी-गंदी गालियों की… Read More

तहज़ीब की ताबानी पर साया-ए-सियाही- औरंगज़ेब से बहादुर शाह ज़फ़र तक तारीख़ की तौहीन का दर्दनाक फ़साना

तहज़ीब की रूह कभी-कभी चीख़ती नहीं, सिसकती है। वो शोर नहीं मचाती, बस ख़ामोश होकर हमारी पेशानी… Read More