मसला माफी का नहीं, माफी की स्टाइल का है। बात नब्बे के दशक के उत्तरार्ध की है… Read More
प्रणव प्रियदर्शी
“यू कैन ब्रेक आवर बॉडीज, बट नॉट बैडीज।” (जंतर-मंतर पर जेन ज़ी प्रदर्शनों से निकला एक प्रतिनिधि नारा)… Read More
सोनम वांगचुक सच बोल देते हैं। तत्काल नहीं बोलते, सबके सामने नहीं बोलते, लेकिन किसी न किसी… Read More
कार्यक्रम कहानी पाठ का था। सुनने वाले जो वहां मौजूद थे, कहना मुश्किल है कि उन्हें वहां… Read More
उनका रहना दिल्ली के पंजाबी बाग में है। टेलर हैं पेशे से। मेरा उनसे कभी मिलना नहीं… Read More
दिल्ली विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया में उच्च शिक्षा के सबक सीखने के बाद बिहार के एक ग्रामीण… Read More
जीवन की राहें भी अक्सर छोटी-बड़ी सामान्य यात्रा के दौरान मिलने वाले रस्तों जैसी ही होती हैं।… Read More
दिल तो बच्चा है जी…। कहने का मतलब यह कि इसे बचपना करने की पूरी छूट है।… Read More
डूबते को तिनके का सहारा… तिनका भला क्या सहारा दे सकता है… लेकिन जो उम्मीद छिपी होती है… Read More
प्रधानमंत्री अगर आंदोलनों के नाम से चिढ़ते हैं, आंदोलनजीवी जैसा शब्द गढ़ते हैं, तो इसमें कोई आश्चर्य… Read More