वे करियर के परवान चढ़ने के दिन थे, महत्वाकांक्षाओं को पर लगने के दिन थे। उन दिनों… Read More
प्रणव प्रियदर्शी
रिश्ता या तो प्यार-मोहब्बत और भरोसे पर टिका होता है या फिर डर, आशंका और लालच पर।… Read More
सवाल यह है कि बतौर नागरिक हमें सरकार की सुननी चाहिए या विपक्ष की। किसी भी जिंदा… Read More
हायरार्की और अनुशासन वाले रिश्तों की तो छोड़िए आधुनिक और लोकतांत्रिक समझ पर आधारित रिश्तों में भी… Read More
दुर्योधन ने तब सिर पीट लिया, जब भगवान कृष्ण ने अपने फैसले का आधार इस तथ्य को… Read More
मसला माफी का नहीं, माफी की स्टाइल का है। बात नब्बे के दशक के उत्तरार्ध की है… Read More
“यू कैन ब्रेक आवर बॉडीज, बट नॉट बैडीज।” (जंतर-मंतर पर जेन ज़ी प्रदर्शनों से निकला एक प्रतिनिधि नारा)… Read More
सोनम वांगचुक सच बोल देते हैं। तत्काल नहीं बोलते, सबके सामने नहीं बोलते, लेकिन किसी न किसी… Read More
कार्यक्रम कहानी पाठ का था। सुनने वाले जो वहां मौजूद थे, कहना मुश्किल है कि उन्हें वहां… Read More
उनका रहना दिल्ली के पंजाबी बाग में है। टेलर हैं पेशे से। मेरा उनसे कभी मिलना नहीं… Read More