Monday, January 24, 2022

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लखीमपुर खीरी केस: 5,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, गृह राज्यमंत्री का बेटा आशीष मिश्र मुख्य आरोपी

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अक्टूबर 2021 के लखीमपुर खीरी हिंसा मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने सोमवार को करीब 5,000 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा को आरोपी बनाया गया है। उसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।इसके अलावा, मामले में आरोपियों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है, क्योंकि एक और नाम जोड़ा गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार एक और व्यक्ति वीरेंद्र शुक्ला का नाम आरोप पत्र में जोड़ा गया है। उस पर आईपीसी की धारा 201 के तहत आरोप लगाया गया है। चार्जशीट के मुताबिक साजिश के तहत किसानों को कुचला गया ।

लखीमपुर खीरी हिंसा की घटना में कुल आठ लोग मारे गए थे। मरने वालों में चार किसान, एक पत्रकार, दो भाजपा कार्यकर्ता और एक ड्राइवर शामिल हैं। इस मामले में आशीष मिश्रा और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास समेत कुल 13 लोग आरोपी हैं।तीनों एसयूवी के ड्राइवर और मिश्रा और दास के सहयोगियों सहित सभी 13 आरोपी गिरफ्तार हैं और फिलहाल लखीमपुर खीरी जेल में बंद हैं। जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आशीष मिश्रा की जमानत अर्जी पर अभी कोई फैसला नहीं किया है, अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं लखीमपुर खीरी की एक स्थानीय अदालत में लंबित हैं।

एसआईटी ने हाल ही में एक स्थानीय अदालत से आशीष मिश्रा और 12 अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में दो आरोप जोड़ने का अनुरोध किया था। अदालत ने एसआईटी की याचिका को स्वीकार कर लिया था और शस्त्र अधिनियम की धाराओं सहित आरोपों को जोड़ने का आदेश दिया था।एसआईटी ने अदालत को सौंपी एक रिपोर्ट में कहा था कि चार किसान और पत्रकार एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत हिंसा में मारे गए।

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा की रायफल से फायरिंग हुई थी। हालांकि फायरिंग आशीष मिश्रा ने नहीं बल्कि नंदन सिंह ने की थी। इस बात का दावा एसआईटी की चार्जशीट में किया गया है।चार्जशीट में कहा गया है कि तिकुनिया कांड के दौरान अंकित दास ने अपनी लाईसेंसी पिस्टल से फ़ायरिंग की थी।इसके अलावा लतीफ उर्फ काले ने रिपीटर गन से फायरिंग की थी।वारदात के बाद काले के घर में असलहे छिपाए गए थे। चार्जशीट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि किसानों को कुचलने का मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा मोनू वारदात के वक्त थार जीप में मौजूद था।

उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (SIT) ने लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में सोमवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष समेत सभी 14 अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। एसआईटी ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चिंताराम की अदालत में 5 हज़ार पन्नों का आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। इस मामले में मुख्य अभियुक्त आशीष के साथ-साथ अंकित दास, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, लतीफ उर्फ काले, शेखर भारती, सुमित जायसवाल, आशीष पांडे, लवकुश राणा, शिशुपाल, उल्लास कुमार उर्फ मोहित त्रिवेदी, रिंकू राणा तथा धर्मेंद्र बंजारा नामक अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

गौरतलब है कि पिछले साल तीन अक्टूबर को लखीमपुर जिले के तिकुनिया क्षेत्र में अजय मिश्रा के यहां आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने जा रहे उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे के किसानों द्वारा विरोध के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। किसानों की हत्या के मामले में गृह राज्य मंत्री का बेटा आशीष मुख्य अभियुक्त है।

एसआईटी ने चार्जशीट और केस डायरी आदि तमाम दस्तावेज कोर्ट में प्रस्तुत किए। इसमें मंत्री के बेटे की न सिर्फ घटनास्थल पर मौजूदगी की बात एसआईटी ने कही है, बल्कि साजिश, हत्या, जानलेवा हमला समेत कई गंभीर धाराएं भी लगाईं। गवाहों ने एसआईटी को बताया कि मंत्री का बेटा आशीष घटनास्थल पर मौजूद था। आशीष मिश्रा को एसआईटी ने 10 अक्तूबर को पूछताछ के लिए बुलाया था। 12 घंटे की पूछताछ के बाद भी सहयोग न करने पर उसको गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने आशीष को रिमांड पर लिया और पूछताछ की। तब से आशीष जेल में है।तिकुनिया कांड की चार्जशीट 208 गवाह, 17 वैज्ञानिक साक्ष्य, सात भौतिक साक्ष्य और 24 वीडियो फोटो के सहारे लिखी गई है। चार्जशीट करीब पांच हजार पन्नों की है।जांच में एसआईटी को 17 वैज्ञानिक साक्ष्य, सात भौतिक साक्ष्य और 24 वीडियो फोटो ऐसे मिले। जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ी। इसके अलावा 208 लोगों ने गवाही दी। इसी आधार पर एसआईटी ने अपनी चार्जशीट लिखी है।

खीरी हिंसा मामले में अब तक 7 किसानों की गिरफ्तारी

विशेष जांच दल (एसआईटी) ने लखीमपुर खीरी हिंसा में एक और किसान की गिरफ्तारी की है। पिछले साल तीन अक्टूबर को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के दौरान भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं की कथित तौर पर पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में किसानों की गिरफ्तारी की जा रही है। लखीमपुर खीरी पुलिस और वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी (एसपीओ) एसपी यादव ने कहा कि करीब दो महीने पहले एसआईटी द्वारा संदिग्धों की तस्वीरें जारी किए जाने के बाद से 22 वर्षीय गुरप्रीत सिंह फरार चल रहा था। लिंचिंग मामले में अब तक सात किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है।एसआईटी ने इससे पहले विचित्र सिंह, गुरविंदर सिंह, अवतार सिंह, रणजीत सिंह, कमलजीत सिंह और कवलजीत सिंह को संदिग्धों के रूप में पहचाने जाने के बाद गिरफ्तार किया था।

भाजपा कार्यकर्ता सुमित जायसवाल की शिकायत के आधार पर शुरू में ‘अज्ञात किसानों’ के खिलाफ हत्या और दंगा फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जो हिंसा के दौरान चार किसानों और एक पत्रकार की मौत के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के साथ सह-आरोपी है।प्राथमिकी में किसानों और पत्रकार की मौत का जिक्र नहीं था, जिन्हें कथित तौर पर आशीष के काफिले ने कुचल दिया था।हिंसा से संबंधित पहली प्राथमिकी पुलिस ने आशीष और अन्य के खिलाफ किसानों की शिकायत के आधार पर दर्ज की थी। एसआईटी ने उस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और घटना को ‘योजनाबद्ध’ करार दिया है।

नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी का पुनर्गठन किया था और नए सदस्यों को जोड़ा था। सदस्यों में आईपीएस अधिकारी एसबी शिराडकर, प्रीतिंदर सिंह और पद्मजा चौहान, पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश राकेश कुमार जैन शामिल हैं।

(जनचौक ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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