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‘आई एम गेटिंग शॉट’ : पत्रकारों को टारगेट करके मार रही है अमेरिकी पुलिस

‘आई एम गेटिंग शॉट, आई एम गेटिंग शॉट (मुझे गोली लग गई है)- कहते हुए लाइव टीवी पर फोटोजर्नलिस्ट लिंडा टिराडो चीख रही हैं। दरअसल मिनियापोलिस में एंटी-पुलिस ब्रूटलिटी आंदोलन को कवर कर रही स्वतंत्र फोटो जर्नलिस्ट लिंडा टिराडो को पुलिस द्वारा शुक्रवार को गोली मार दी गई। गोली उनकी बाईं आँख में लगी जिससे उनके बाईं आँख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई।

लिंडा अपने ट्विटर हैंडल से आप-बीती साझा करते हुए लिखती हैं- शुक्रवार रात पुलिस के ट्रेसर राउंड द्वारा उनके आंख में गोली मार दी गई। प्रदर्शनकारियों ने लिंडा को अस्पताल पहुंचाने में मदद किया, जहां उन्हें सर्जरी के लिए भेज दिया गया। चोट के चलते लिंडा की बाईं आंख की रोशनी हमेशा के लिए चली गई है। डॉक्टर ने लिंडा को छह सप्ताह के लिए काम पर वापस जाने से मना कर दिया। साथ ही से धुएं या गैस से दूरी बनाकर रखने की सलाह दी है।

फोटोजर्नलिस्ट रायन रेच (RYAN RAICHE) एक मीडिया ग्रुप के साथ घर वापिस लौट रहे थे और वो लोग उस वक्त सुरक्षित क्षेत्र में थे। वे लोग लगातार कह रहे थे कि वो मीडियाकर्मी हैं बावजूद इसके पुलिस ने न सिर्फ़ उन लोगों को अनसुना कर दिया बल्कि मीडिया के पूरे समूह पर आँसू गैस और पेपरस्प्रे से हमला किया। सभी मीडियाकर्मी जान बचाकर भागे। ये सब उन्माद से भरा था और बहुत तेजी से घटित हुआ था।

स्टार ट्रिब्यून के पत्रकार रायन फेयरक्लोथ (RyanFaircloth) अपनी कार से घर लौट रहे थे जब पुलिस ने कार की खिड़की से इन पर हमला कर दिया।

VICE News में करेस्पोंडेंट प्रोड्यूसर माइकल एंटोनी एडम्स पुलिस बर्बरता की आपबीती सुनाते हैं – “जिस गैस स्टेशन पर हमने शरण ले रखा था, वहां पुलिस ने छापा मारा। कई बार प्रेस प्रेस चिल्लाने और मेरे प्रेस कार्ड को हवा में उठाने के बाद, उन्होंने मुझे जमीन पर फेंक दिया। फिर एक और सिपाही ऊपर आया और मेरे ऊपर हाथ फेरते हुए मेरे चेहरे पर चाटे मारे।

पुलिस के पास हमारे एक समूह के लिए प्रशिक्षित हथियार थे। हमने अपने प्रेस पास दिखाए बावजूद इसके एक ने अपनी राइफल हम पर रखी, जबकि दूसरा हम पर लाठियां भांज रहा था।

लॉस एंजेल्स टाइम्स की फोटोजर्नलिस्ट कैरोलिन कोल (Carolyn Cole)  मिनियापोलिस में पुलिस द्वारा हमले के बाद घायल पड़ी हैं।

टाइम्स की पत्रकार Molly Hennessy-Fiske बता रही हैं कि 31 मई को मिनेसोटा स्टेट पैट्रोल ने  पत्रकारों और फोटोग्राफर्स को प्वाइंट ब्लैंक रेंज पर आंसू गैस और रबर बुलेट दागे..

ये अमेरिकी पत्रकार Adolfo Guzman-Lope हैं। एडोल्फ बताते हैं – “मैंने अपने फोन से एक व्यक्ति का इंटरव्यू लिया और तभी एक पुलिस अधिकारी ने मुझे निशाना बनाते हुए गोली मार दिया।  एक रबर की गोली उनके गले में आ लगी, मैंने देखा कि गोली मुझसे लगने के बाद सड़क पर उछल रही है।

जॉन कुसाक कहते हैं एक जलती कार का वीडियो बनाना पुलिस को रास नहीं आया। तो मेरे पास आई और मुझे बेंत से पीटा। मेरी बाइक पर भी चोट की। आप उसका ऑडियो सुन सकते हैं-

MSNBC के होस्ट अली वेल्शी (Ali Velshi) बताते हैं- “ मेरे पैर में रबर बुलेट लगी है लेकिन अभी मैं ठीक हूँ। स्टेट पुलिस को नेशनल गार्ड का समर्थन मिल रहा है और वे बेवजह ही शांतिपूर्ण रैलियों पर फायरिंग कर रहे हैं। ”

सीएनएन के समर्पित कमेंटेटर कीथ ब्रुकलिन को न्यूयॉर्क पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके 6 घंटे जेल में रखा गया। कीथ अपनी गिरफ्तारी के संदर्भ में ट्वीट करके बताते हैं- “  न्यूयॉर्क पुलिस ने मुझे 96 वीं स्ट्रीट और वेस्ट साइड हाईवे पर गिरफ्तार किया, जब मैं ट्विटर पर पोस्ट करने के लिए तस्वीरें और वीडियो ले रहा था। मैंने पुलिस को बताया कि मैं प्रेस से हूँ, बावजूद इसके वे मेरे नजदीक चले आए और फिर मुझे पीछे घुमाकर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने मुझे तंग हथकड़ी पहनाई जिससे मेरी कलाई पर चोट लगी। उन्होंने मुझे एक घंटे तक वैन में बैठाये रखा। फिर एक घंटे तक गर्म पुलिस बस में। फिर वे मुझे एक पुलिस प्लाजा में ले गए और मुझे लगभग 35 अन्य लोगों के साथ जेल की कोठरी में रखा, जहां सोशल डिस्टेंसिंग बिल्कुल नहीं था और बहुत से लोग बिना मास्क के थे।

हमले में घायल एक पत्रकार।

पुलिस ने मेरी फोटो ली। लेकिन उन्होंने कभी भी मेरे मिरांडा अधिकारों को नहीं पढ़ा और मुझ पर कोई गंभीर अपराध का आरोप नहीं लगाया। पुलिस हिरासत में 6 घंटे के बाद, उन्होंने आखिरकार मुझे अदालत में पेश होने के लिए जेल से बाहर आने दिया। इस समय पुलिस के पास बहुत अधिक शक्ति है।

मैंने समन पढ़ा उसमें मुझ पर लगाया गया आरोप लिखा था- “हाईवे पर चल रहा था” और “ गड़बड़ी फैलाकर वाहनों के आवागमन को अवरुद्ध करना।” आपकी जनकारी के लिए बता दूँ कि मैंने रास्ता नहीं जाम किया था। रास्ता पहले से ही प्रदर्शनकारियों और खुद पुलिस द्वारा अवरुद्ध करके रखा गया था। मैंने जो कुछ किया था वो सब रिकार्ड हो रहा था।

शुक्रवार को सीएनएन करेस्पोंडेंट उमर जिमनेज़ और उनके दो सदस्यीय क्रू को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि उन्हें जल्द ही छोड़ दिया गया। और इसके लिए मिनिसोटा के गवर्नर Tim Walz ने सीएनएन से माफी भी माँगी  थी।

लुइसविले में, WAVE-TV जब विरोध प्रदर्शन को लाइव कवर कर रहा था तो वीडियो में दिखता है कि पुलिस अधिकारी ने रिपोर्टर केटलीन रस्ट (Kaitlin Rust) और उसके चालक दल पर राइफल का निशाना बनाया।

टीवी में उन्हें चीखते हुए सुना गया, “मुझे गोली मार दी गई है! मुझे गोली मार दी गई है वो बताती हैं वो पेपर बुलेट था।

लुइसविले पुलिस के प्रवक्ता जेसी हल्लाडे (Jesse Halladay) ने इस घटना के लिए माफी मांगी, और कहा कि पुलिस संभावित कार्रवाई के लिए वीडियो की समीक्षा करेगी।

KCRW की सिराइज कैसल (Cerise Castle) शनिवार को जब लॉस एंजेलस में व्यापक विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थीं तो उन पर हमला किया गया। सिराइज बताती हैं कि लॉस एंजेलिस पुलिस ने उन पर और प्रदर्शनकारियों पर रबर बुलेट से फायर कर दिया। जबकि वो सिर से भी ऊपर हाथ उठाकर अपना प्रेस बैज पुलिस को दिखा रही थीं कि वो प्रेस से हैं।

शनिवार को मिनियापोलिस में, विरोध प्रदर्शन कवर कर रही एक स्वीडिश नागरिक और Expressen की रिपोर्टर नीना स्वानबर्ग (Nina Svanberg ) को जांघ में एक रबर की गोली से गोली मार दी गई थी, जाहिर तौर पर ये गोली पुलिस की बंदूक से ही मारी गई थी।

रविवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल के रिपोर्टर टेलर ब्लिंट वेल्श (Tyler Blint-Welsh ) ने ट्वीट करके बताया कि “मेरा चश्मा खो गया और मेरे टखने में दर्द हो रहा है। न्यूयॉर्क पुलिस ने दंगे के दौरान कई बार मेरे चेहरे पर मारा और मुझे जमीन पर धकेल दिया। मैं उनसे हाथ जोड़कर छोड़ने के लिए अनुरोध कर रहा था । जबकि न्यूयॉर्क पुलिस द्वारा जारी किया गया प्रेस बैज स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। मैं बस यहाँ बैठकर रो रहा हूँ। यह बेकार है।”

रायटर के टीवी क्रू के दो सदस्यों को शनिवार रात को मिनियापोलिस में रबर बुलेट से मारा गया जबकि एक फोटोग्राफर के कैमरे को तोड़ दिया गया। कैमरामैन जूलियो-सीजर शावेज (Julio-Cesar Chavez) द्वारा बनाए गए वीडियो में एक पुलिस अधिकारी को रायटर्स के पत्रकार पर निशाना लगाते हुए दिखायी देता है। शावेज बताते हैं कि मुझे वीडियो फिल्माते देख एक पुलिस अधिकारी मेरी ओर अपना रायफल तान देता है। और कुछ मिनट के बाद ही शावेज़ और रायटर के सुरक्षा सलाहकार रोडनी सीवार्ड को उन पुलिस अधिकारियों द्वारा रबर बुलेट से मारा गया जैसा कि वे उस समय पास के एक गैस स्टेशन पर बचाव के लिए आड़ ले रहे थे।

मिनियापोलिस में विरोध-प्रदर्शन के प्रदर्शनकारियों के साथ CBC News Network के सीनियर पत्रकार सुसान ओर्मिस्टन (Susan Ormiston) भी पुलिस का निशाना बने।

एक अन्य घटना में मिनियापोलिस में, DW रिपोर्टर स्टीफन सिमंस (Stefan Simons) और कैमरपर्सन मैक्स फोर्ज को पुलिस ने प्रोजेक्टाइल से हमला किया और विरोध प्रदर्शन को कवर करते हुए गिरफ्तारी की धमकी दी थी।

डेनवर में प्रोटेस्ट को कवर करते समय 9NEWS रिपोर्टर जेरेमी जोजोला (Jeremy Jojola) पर कैपिटल पुलिस द्वारा फायर किया गया। उस वक्त वो कैमरा पकड़े हुए थे।

जबकि Detroit Free Press news के निदेशक जिम शफर (Jim Schaefer) का कहना है कि हमारे की मीडिया साथी अपने प्रेस बैज हाथ में पकड़े हुए थे। बावजूद इसके डिट्राइट पुलिस द्वारा उन पर पेपरस्प्रे से हमला किया गया।

प्रदर्शनकारियों का शिकार हुए पत्रकार

प्रदर्शनकारियों के समूह ने आज सुबह ‘द रायटर्स’ के पत्रकार जोनाथन लैंडे (Jonathan Landay) पर हमला किया। VOA रिपोर्टर Ani Chkhikvadze  जो कि उस घटना स्थल पर विरोध प्रदर्शन को कवर कर रही थी, ने हमले का वीडियो अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया ।


शुक्रवार को लॉस एंजेलिस में KNX Radio के फील्ड रिपोर्टर पीट डेमेट्रियस (Pete Demetriou) अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट के जरिए बताते हैं कि “ उन पर पुलिस द्वारा नहीं बल्कि प्रदर्शनकारियों द्वारा हमला किया गया। मैं अपनी सुविधा के लिए थोड़ा ज्यादा करीब चला गया था जब उन्होंने मेरा माइक छीनने का प्रयास किया और बेहूदेपन के साथ चिल्ला रही थीं। मैंने विरोध किया और उन्हें धक्का देकर दूर भगाया और फिर करीब 5 लोगों ने मुझे मुक्का मारा गया। थोड़ी खरोच आई है लेकिन मैं ठीक हूँ। 

शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने जब कोलंबिया के पुलिस विभाग, एससी का घेराव किया था उस समय “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” टोपी पहने किसी व्यक्ति के साथ प्रदर्शनकारियों के बीच हाथापाई हुई। उस दौरान किसी ने WIS -TV  की एंकर मिरांडा पार्नेल पर पत्थर फेंका था जिससे वो घायल हो गए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वो पत्थर किस ओर से फेंका गया था।

फॉक्स न्यूज रिपोर्टर लेलैंड विटर (Leland Vittert) का कहना है कि शनिवार तड़के व्हाइट हाउस के बाहर इकट्ठा हुए प्रदर्शनकारियों ने उन्हें धकियाया था। विटर का कहना है कि उनके न्यूज़ ऑर्गेनाइजेशन के कारण उन पर स्पष्ट तौर पर लक्षित करके हमला किया गया। वह एक लाइव शो कर रहे थे, जिसे प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा बाधित किया गया जो फॉक्स न्यूज़ के बाबत बेहूदेपन से चिल्ला रहे थे। दो सुरक्षा गार्डों उन्हें और फोटोग्राफर क्रिश्चियन गैलाडाबिनी को वाशिंगटन के लाफायेत ​​पार्क से निकाला गया और पुलिस द्वारा भगाए जाने से पहले नाराज प्रदर्शनकारी समूह द्वारा उनका पीछा किया गया।

विटर का कहना है कि उनके पास या क्रू के उपकरणों पर फॉक्स न्यूज़ के रूप में उनकी पहचान देने वाला कोई निशान या प्रतीक नहीं था। लेकिन प्रदर्शन के दौरान, एक व्यक्ति लगातार उनसे पूछ रहा था कि वो किसके लिए काम करते हैं। उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन उस आदमी ने अपने सेल फोन पर विटर की एक तस्वीर पाई और अन्य प्रदर्शनकारियों को चिल्लाकर बताया कि वह फॉक्स से था।

उसके बाद जो कुछ भी वे प्रोटेस्ट कर रहे थे, उसे बंद करके दिया और हम पर भड़क गए, यह बहुत ही दूसरी तरह की फीलिंग थी।

पीटर ने इसकी तुलना वर्ष 2011 में इजिप्ट में उनका पीछा करने वाले उन प्रदर्शनकारियों से किया जो यह कहकर चिल्ला रहे थे कि- “फॉक्स न्यूज मुस्लिमों से नफरत करता है।”

Daily Caller वेबसाइट का एक करेस्पांडेंट विटर और प्रदर्शनकारियों के पीछे था। उनका कहना है कि एक औरत जिसके टीशर्ट पर लिखा था ‘आई कैन नाट ब्रीथ’ ने उनका पीछा किया और एक जगह पर जाकर किसी ने विटर का माइक्रोफोन लिया और उनके पीठ पर फेंक दिया। जबकि फॉक्स के कैमरामैन Galdabini का कैमरा तोड़ दिया गया।

KDKA-TV  के फोटोग्राफर इयान स्मिथ का कहना है कि उन पर प्रदर्शनकारियों द्वारा हमला किया गया था, जिन्होंने वहां प्रदर्शन के दौरान उनके पेट पर लात और पिछवाड़े लात मारी। स्मिथ ने कहा कि अन्य प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बचाने के लिए छलांग लगाई, उन्होंने ट्विटर पर एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें उनका चोटिल चेहरा और खून लगा हाथ दिख रहा है।

शुक्रवार की रात को CNN के अटलांटा स्थित हेडक्वार्टर को प्रदर्शनकारियों के एक समूह द्वारा हमला किया गया । प्रदर्शनकारियों ने खिड़की का कांच तोड़ डाला और नेटवर्क के लोगों पर चढ़कर हंगामा किया।

‘रिपोर्टर्स कमेटी फ़ॉर द फ़्रीडम ऑफ़ द प्रेस’ ने फ़ीनिक्स, इंडियानापोलिस, अटलांटा और मिनियापोलिस में हुए पत्रकारों पर 10 अलग-अलग हमलों पर चिंता जाहिर की है।

रिपोर्टर्स कमेटी के कार्यकारी निदेशक, ब्रूस ब्राउन ने कहा, “देश भर में नागरिक शांति खोने के साथ, पत्रकारों को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के द्वारा टारगेट कर हिट किया जा रहा है। पत्रकारिता के लिहाज से यह एक बहुत ही भयावह जगह हो गई है।

एंटी-पुलिस ब्रूटलिटी प्रोटेस्ट में ग्राउंड रिपोर्ट कर रहे पत्रकारों को पुलिस निशाने पर ले रही है। बता दें कि अब तक प्रदर्शन में 2 दर्जन से अधिक पत्रकारों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार करके, रबर बुलेट से निशाना बनाकार, पेपर स्प्रे, और बेंत से पीटकर प्रताड़ित किया गया है। जबकि अमेरिका न्यूज गैदरिंग और पत्रकारों की सुरक्षा को संविधान के पहले संशोधन द्वारा सुरक्षित किया गया है। लेकिन फासीवादी डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से नियम कानून सब ताक पर धर दिए गए हैं। पत्रकारों से डोनाल्ड ट्रंप की कटुता शुरुआत से ही जगजाहिर है।  

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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This post was last modified on June 15, 2020 2:10 pm

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