Saturday, October 16, 2021

Add News

राज्यों को पिछड़े वर्ग की सूची बनाने के अधिकार के लिए लोकसभा में संशोधन विधेयक पारित

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

लोकसभा में मंगलवार को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित 127वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में उपस्थित सदस्यों के दो तिहाई बहुमत से पारित हो गया। गौरतलब है कि लोकसभा में केंद्र सरकार ने सोमवार को ही ‘अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से संबंधित संविधान (127वां संशोधन) विधेयक, 2021’ पेश किया था। इस विधेयक पर मंगलवार को चर्चा शुरू हुई। 

मोदी सरकार द्वारा लाये गये इस विधेयक का कांग्रेस, सपा, बसपा सहित समूचे विपक्ष ने भी समर्थन किया। बिल को लेकर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में कुल 385 सदस्यों ने वोट दिया, जबकि ख़िलाफ़ एक भी वोट नहीं पड़ा। अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची तैयार करने का अधिकार राज्यों को देने से जुड़े इस विधेयक को विपक्ष का भी समर्थन मिला। विपक्ष ने भी एक मत होकर इस विधेयक का समर्थन किया। इस वजह से विधेयक के ख़िलाफ़ एक भी वोट नहीं पड़ा। 

विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों में कहा गया है कि संविधान 102वां अधिनियम 2018 को पारित करते समय विधायी आशय यह था कि यह सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की केंद्रीय सूची से संबंधित है। यह इस तथ्य को मान्यता देता है कि 1993 में सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की स्वयं की केंद्रीय सूची की घोषणा से भी पूर्व कई राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों की अन्य पिछड़े वर्गों की अपनी राज्य सूची/ संघ राज्य क्षेत्र सूची हैं। 

विधेयक में कहा गया है कि “यह विधेयक पर्याप्त रूप से यह स्पष्ट करने के लिये है कि राज्य सरकार और संघ राज्य क्षेत्र को सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टि से पिछड़े वर्गों की स्वयं की राज्य सूची/संघ राज्य क्षेत्र सूची तैयार करने और उसे बनाये रखने को सशक्त बनाता है। विधेयक के उद्देश्यों में कहा गया है कि देश की संघीय संरचना को बनाए रखने के दृष्टिकोण से संविधान के अनुच्छेद 342क का संशोधन करने और अनुच्छेद 338ख एवं अनुच्छेद 366 में संशोधन करने की आवश्यकता है। यह विधेयक उपरोक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिये है। “

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई को आरक्षण पर पुनर्विचार से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई करने की मांग खारिज करते हुए कहा था कि 102वें संविधान संशोधन के बाद ओबीसी की सूची बनाने का अधिकार राज्यों के पास नहीं है। 

विधेयक को लेकर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि इस विधेयक के पास होने के बाद अब हर राज्य पिछड़े वर्गों की सूची बना सकता है और उसे बनाए रख सकता है। इस संशोधन से नियुक्ति के लिए अपनी ओबीसी सूची राज्य तैयार कर सकेंगे। दोनों सदनों से इस विधेयक के पास होने के बाद राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची तैयार करने का अधिकार मिलेगा। अभी तक यह अधिकार केंद्र के पास है। इसके बाद केंद्र सरकार ने ओबीसी सूची तय करने का अधिकार राज्यों को देने के लिए 127वां संविधान संशोधन विधेयक लाने की पहल की है। 

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

विघटन और विखंडन में विश्वास करने वाले नहीं समझ सकते हैं गंगा-जमुनी तहजीब

विश्व हिन्दू परिषद के महासचिव मिलिन्द परांडे ने हाल (सितम्बर, 2021, 'दि टाइम्स ऑफ इंडिया') में कहा कि गंगा-जमुनी...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.