सत्यपाल मलिक के खुलासे के बाद निशाने पर पीएम मोदी

Estimated read time 2 min read

सत्यपाल मलिक ने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़े बयान दिए हैं और पुलवामा हमले पर बड़ा खुलासा किया है जिसके बाद विपक्षी पार्टियों ने पीएम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सबसे पहले तो खुद सत्यपाल मलिक ने इंटरव्यू में कही गई बात को ट्विट करते हुए कहा है कि ‘कोई नाराज होता है तो हो जाए…मैं सच्चाई के साथ खड़ा हूं। मरवा मुझे नहीं सकते, छेड़ मुझे नहीं सकते, क्योंकि मेरी कम्युनिटी(किसान कौम) इतनी स्ट्रांग है इनको पीछा छुड़ाना मुश्किल हो जाएगा‘

https://twitter.com/Satyapalmalik_/status/1647099119784312837?s=20

सत्यपाल मलिक ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ‘प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार से बहुत नफरत नहीं है। प्रधानमंत्री कश्मीर के बारे में गलत जानकारी रखते हैं और वे अनजान हैं। गृह मंत्रालय की चूक के कारण पुलवामा में सैनिकों पर आतंकवादी हमला हुआ। पुलवामा हमले के बारे में मोदी ने मुझे चुप रहने को कहा। इरादा पाकिस्तान पर दोष मढ़ना और चुनावी लाभ उठाना था।‘

‘पुलवामा हमला खुफिया विफलता का नतीजा था और ‘जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा हटाना एक गलती थी।’ इन सब बयानों के बाद विपक्षी पार्टियां एक एक करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रही हैं। मलिक के इस बयान को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। राहुल ने इंटरव्यू का स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है कि, ‘प्रधानमंत्री जी को करप्शन से कोई बहुत नफरत नहीं है।’

मामले में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक जी ने एक इंटरव्यू में बड़े सनसनीखेज खुलासे किए हैं। और अब इस इंटरव्यू की बातों को दबाने की पूरी कोशिश की जा रही है लेकिन सच्चाई दबेगी नहीं। ये बहुत ही गंभीर और महत्वपूर्ण सवाल है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हैं।

वहीं पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट करते हुए कहा है कि पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक जी के ख़ुलासों से ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी जी को “राष्ट्र-हानि” से उतना डर नहीं जितना “मानहानि” से है!

वहीं ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने भी प्रधानमंत्री मोदी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश को पहले ही पता था कि पुलवामा हमले में कुछ गड़बड़ है और घोटाला हुआ है। 2019 में लोकसभा चुनाव की तैयारी चल रही थी और तत्कालीन सत्ताधारी दल को चुनाव जीतना था। चुनाव जीतने के लिए वे कुछ गड़बड़ करेंगे। सरकार पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए साथ ही जो मंत्री जिम्मेदार हैं उसका कोर्ट मार्शल होना चाहिए।

मलिक के खुलासों के बाद प्रधानमंत्री मोदी चौतरफा घिरते नजर आ रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस ने भी सत्यपाल मलिक के इंटरव्यू को ट्विट करते हुए कहा है कि हम उसे पहले से ही जानते हैं। अपने हितों की पूर्ति के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करता है। यहां तक कि राष्ट्रपति की आधिकारिक मुलाकातें भी पीएम के अनुसार तय की जाती हैं। भारत का लोकतंत्र खतरे में है!

वहीं तृणमूल नेता और लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने भी ट्विटर पर कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल मलिक का कहना है कि पुलवामा के काफिले पर बमबारी में 40 जवानों की मौत सरकार की गलती थी। सीआरपीएफ ने जवानों को ले जाने के लिए गृह मंत्रालय से 5 विमानों की मांग की क्योंकि इतने बड़े काफिले को कभी सड़क मार्ग से नहीं ले जाया जा सकता। लेकिन गृह मंत्रालय ने मना कर दिया। पीएम और एनएसए डोभाल ने तब मलिक से कहा “आप चुप रहिए”। पुलवामा ने बीजेपी के लिए 2019 के चुनावों की बाजी मार ली।

(कुमुद प्रसाद जनचौक में सब एडिटर हैं।)

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours