थानेदार और दरोगा ने जज पर पिस्टल तानकर पीटा,पटना हाईकोर्ट ने किया डीजीपी को तलब

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बिहार के मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट में थाना प्रभारी और एसआई द्वारा एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज की पिटाई और पिस्तौल ताने जाने के मामले में पटना हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है।पटना हाईकोर्ट ने बिहार के गृह सचिव, मुख्य सचिव, डीजीपी और मधुबनी एसपी को नोटिस जारी किया है । वहीं, इस मामले में 29 नवंबर को होने वाली सुनवाई में मौजूद रहने को कहा गया है।इंचार्ज डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज, मधुबनी ने इस मामले में पटना हाई कोर्ट में पत्र भेज कर शिकायत की है । इसी पर संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है । पत्र  भेजने वाले एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज (एडीजे) अविनाश कुमार को दो पुलिवालों ने पीटा और उन पर पिस्तौल भी तान दी ।

पत्र में लिखा गया कि घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण यादव और दूसरे सब-इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार सिंह जबरदस्ती उनके चेम्बर में घुस आए और गाली देने लगे । जब जज ने विरोध किया तो उन्हें पीटा गया और थाना प्रभारी ने अपनी पिस्तौल भी उन पर तान दी । एडीजे अविनाश के खत के मुताबिक कुछ वकील और कोर्ट के कर्मचारी वक्त पर पहुंच गए और उन्हें बचाया ।

इस पत्र  पर संज्ञान लेते हुए पटना हाई कोर्ट ने मामले को 29 नवंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया गया है और बिहार पुलिस के डीजीपी से सुनवाई में हाजिर रहने को कहा है । मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी से सील कवर में स्टेटस रिपोर्ट भी फाइल करने को कहा गया है । बताते हैं कि दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उनके खिलाफ आईपीसी के सेक्शन 353 और आर्म्स एक्ट के सेक्शन 30 के तहत मामला दर्ज किया गया है ।

एक चश्मदीद वकील ने बताया कि पुलिस वाले जज साहब को कह रहे थे कि तुम्हारी हैसियत कैसे हो गई कि तुम हमें बुलाते हो? तुम्हारा पावर सीज हो गया है और तुम बेवजह सबको परेशान करते रहते हो ।तुमको हम कुछ नहीं मानते हैं । यह कहते हुए अभिमन्यु कुमार सिंह ने जज पर हमला बोल दिया और थप्पड़ चलाने लगा ।इस दौरान घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण यादव लगातार अभद्र गाली दे रहा था । उसने कहा कि तुमने एसपी साहेब को भी नोटिस भेजकर परेशान किया है । आज तुम्हारा सब एडीजे निकाल देंगे । थानाध्यक्ष ने एडीजे प्रथम पर पिस्तौल तान रखी थी ।सब-इंस्पेक्टर अभिमन्यु कुमार सिंह लगातार गाली दे रहा था ।

हंगामा देखकर इस बीच जब बाहर से वकील अंदर आए तो वो जज साहब को बचाने की कोशिश करने लगे । इस दौरान बचाने वाले वकीलों के साथ भी मारपीट की गई । जज साहब का अनुसेवक चंदन मार खाते हुए भी पिस्तौल छीनने में कामयाब हुआ । उसके बाद दोनों पुलिस वालों को पकड़ लिया गया।घटना के बाद जज अविनाश कांप रहे थे. झंझारपुर कोर्ट के वकीलों ने पुलिस द्वारा किए गए इस व्यवहार को लेकर सुरक्षा की मांग की है।

घोघरडीहा थाना प्रभारी को एडीजे प्रथम अविनाश कुमार ने झंझारपुर कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा था । गुरुवार को वे इसलिए वहां पहुंचे थे। लेकिन अचानक जज के साथ गाली गलौज और मारपीट की है. कोर्ट के वरीय अधिवक्ता और बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बलराम साहू और अरुण कुमार झा ने इस पूरे मामले में कहा कि अचानक दोनों पुलिस कर्मी कोर्ट में बने कार्यालय वाले कक्ष में घुसे और एडीजे प्रथम अविनाश कुमार के साथ गाली-गलौज करने लगे ।

जज लोक अदालत के भी अध्यक्ष हैं। एक महिला की शिकायत पर उन्होंने डीजीपी, होम मिनिस्ट्री, राज्य और केंद्र सरकार को खत लिखकर कहा था कि मधुबनी के एसपी को कानून के साथ-साथ आपराधिक मामलों में सुसंगत धारा लगाने की सही जानकारी नहीं है। लिहाजा उन्हें आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर हैदराबाद में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाए।वकील बलराम साह के मुताबिक, थानेदार और एएसआई ने जज के चैंबर में घुसते ही कहा कि एसपी के खिलाफ लिखने की तुम्हारी हैसियत कैसे हुई। इसके बाद वे गाली-गलौज करने लगे। यह देखकर वकील सन्न रह गए। उन्होंने किसी तरह जज को बाहर निकालकर दोनों पुलिसवालों को चैंबर में ही बंद कर दिया। एडीजे प्रथम अविनाश कुमार ने नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में पुलिस की ओर से सही धाराएं न लगाने और एसपी की सुपरविजन रिपोर्ट में लीपापोती पर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया ।

(वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट।)

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