बालू खदान मज़दूरों ने किया प्रदर्शन

आज प्रतापपुर गाँव में सैकड़ों बालू खदान मजदूरों ने विशाल प्रदर्शन करते हुए मुट्ठियाँ उठाकर जमुना नदी में माफिया द्वारा मशीनों से की जा रही अवैध बालू खनन को तत्काल बंद करने की मांग की।

मजदूरों ने नाविकों द्वारा पारंपरिक तरीके से बालू खनन शुरू करने तथा निषाद समुदाय के पारंपरिक व्यवसाय की बहाली की मांग की।

400 से अधिक बालू मजदूरों ने हड़ताल कर राज्य की भाजपा सरकार के उस आदेश के खिलाफ एकजुटता के साथ सभा की, जिसमें केवल सूखे घाटों से खनन की अनुमति दी गई है। मजदूरों ने इस आदेश को राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों तथा वैज्ञानिक सिद्धांतों के विरुद्ध बताया।

चार श्रम संहिताओं के खिलाफ आयोजित अखिल भारतीय औद्योगिक मजदूर हड़ताल के अवसर पर बालू मजदूरों ने अपना पूर्ण समर्थन और एकजुटता व्यक्त की। इसके साथ ही उन्होंने स्मार्ट मीटर वापस लेने, बकाया बिजली बिल माफ करने, बिजली का निजीकरण बंद करने, वीबी ग्रामजी वापस लेने और नया बीज विधेयक रद्द करने की मांगें कीं।

सभा को एआईकेएमएस के महासचिव डॉ. आशीष मित्तल सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया। इनमें फूलचंद (जलालपुर), रामू (अमिलिया), रामलाल भारतीय (औधन), सुरेश निषाद (बीकर), विनोद निषाद, गेंदलाल, होरीलाल, फूलचंद (मैनापुर), बब्बू (जगदीशपुर), अमित एवं कन्हाई (केवटपुरा), सरदार (तिल्हापुर), सुग्गालाल (मल्हीपुर), सुग्गालाल (उमरवाल) शामिल थे। बैजनाथ (बोधा) ने प्रेरक गीत प्रस्तुत किया। सभा की अध्यक्षता हरिश्चंद ने की।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)

Leave a Reply