29.1 C
Delhi
Thursday, August 5, 2021

अंबडकर साहित्य

‘दलित साहित्य’ ही कहना क्यों जरूरी?

बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में दलित समाज की वेदना और उत्पीड़न को दलित साहित्य के माध्यम से दुनिया के समक्ष लाने का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। पिछली सदी के सातवें दशक में ‘दलित साहित्य’ का हिंदी पट्टी में शुरुआती...
- Advertisement -spot_img

Latest News

पेगासस मामले में महाविस्फोट! उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार, प्रमुख वकील और जस्टिस अरुण मिश्रा भी थे रडार पर

उच्चतम न्यायालय में गुरुवार 5 अगस्त को पेगासस जासूसी मामले पर दाखिल 9 याचिकाओं को सुनवाई होगी इसकी पूर्व...
- Advertisement -spot_img