27.1 C
Delhi
Wednesday, September 29, 2021

Add News

सुप्रीम कोर्ट

क्या नीतिगत फैसले भी सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट को ही लेने पड़ेंगे!

मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव बनर्जी की कोर्ट में पैरवी करते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल कहते हैं कि केंद्र सरकार को कोविड के दूसरे चरण की इस भयानकता का अंदाजा नहीं था। इसके अलावा वैक्सिनेशन और ऑक्सीजन...

नागरिकों को जानने का अधिकार कि अदालतों में क्या चल रहा है: सुप्रीम कोर्ट

चुनाव आयोग की कार्य प्रणाली को लेकर चतुर्दिक आलोचना होती रही है। कई चरणों का मतदान हो या पीएम की चुनावी रैलियां और इसका टीवी पर लाइव प्रसारण चुनाव आयोग पर सरकार का पक्ष लेने का आरोप लगता रहा...

राजद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को एक बार फिर परखेगा सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय, राजद्रोह कानून की संवैधानिक वैधता को फिर परखने के लिए तैयार हो गया है। वर्ष 1962 के केदारनाथ सिंह बनाम बिहार सरकार मामले में उच्चतम न्यायालय ने इस कानून को वैध ठहराया था, लेकिन तब और अब...

मीडिया को जजों की मौखिक टिप्पणियों को रिपोर्ट करने से रोका नहीं जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि मीडिया को किसी मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों द्वारा की गई मौखिक टिप्पणियों को रिपोर्ट करने से नहीं रोका जा सकता है। इससे जवाबदेही बढ़ती है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस...

मद्रास हाई कोर्ट का अदालत की मौखिक टिप्पणियों की मीडिया रिपोर्टिंग पर याचिका सुनने से इनकार

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा कि उच्च न्यायालयों को अनावश्यक एवं ‘बेवजह’ टिप्पणियों से बचना चाहिए, क्योंकि उसके गंभीर परिणाम होते हैं। कोविड-19 से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने यह सलाह...

सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन और बेड की मांग पर एफआईआर कोर्ट की अवमानना: सुप्रीम कोर्ट

कोरोना संक्रमण के बीच सोशल मीडिया के जरिए मदद मांग रहे लोगों पर कार्रवाई करने पर उच्चतम न्यायालय  ने राज्य सरकारों को सख्त हिदायत दी है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि अगर कोई नागरिक सोशल मीडिया और इंटरनेट पर...

संकट काल में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई न्यायपालिका

जिस तरह से मद्रास हाई कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग पर की गई तल्ख टिप्पणियों को मीडिया में स्थान मिला है और जनता के एक बड़े वर्ग द्वारा इनका स्वागत किया गया है इससे यह स्पष्ट होता है कि आम...

देश के न्यायिक इतिहास में कई बदतर मिसालें दर्ज कर गए जस्टिस बोबडे

भारत के 47वें प्रधान न्यायाधीश पद से शरद अरविंद बोबडे सेवानिवृत्त हो गए हैं। 23 अप्रैल को उनके कार्यकाल का आखिरी दिन था। करीब 17 महीने पहले जब उन्होंने प्रधान न्यायाधीश का पदभार संभाला था, उस वक्त देश की...

कोरोना सुनवाई पर बदला नजर आया सुप्रीम कोर्ट, केंद्र से अप्रिय सवाल भी पूछे

उच्चतम न्यायालय में आज पहली बार नये चीफ जस्टिस एनवी रमना के नेतृत्व में मामलों की विभिन्न पीठों ने सुनवाई की और पीठों के तेवर से लगा कि पिछले चार चीफ जस्टिसों, जस्टिस जगदीश सिंह खेहर, जस्टिस दीपक मिश्रा,...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- “देश में इमरजेंसी जैसे हालात”

"देश में इमरजेंसी जैसे हालात हैं।" देश की वर्तमान स्थिति के बारे में यह आकलन है सुप्रीम कोर्ट का। पर क्या शीर्ष अदालत ने सरकार से यह पूछा है,● इमरजेंसी जैसे हालात क्यों और किसलिए पैदा हो गए हैं?●...
- Advertisement -spot_img

Latest News

कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी कांग्रेस में शामिल

"कांग्रेस को निडर लोगों की ज़रूरत है। बहुत सारे लोग हैं जो डर नहीं रहे हैं… कांग्रेस के बाहर...
- Advertisement -spot_img

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.