Thursday, February 2, 2023

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भारत जोड़ो यात्रा: देश को एक करने में चुनौतियां

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा राहुल गांधी के नेतृत्व में शुरू की गई भारत जोड़ो यात्रा को जबरदस्त जनसमर्थन मिल रहा है। ऐसा लगता है मानो साझा राष्ट्रवाद में अपने यकीन को रेखांकित करने के लिए लोग इस तरह के...

फतेहाबाद में विपक्ष की एकता भी है ‘भारत जोड़ो’ का एक राजनीतिक प्रतिफलन

कल (25 सितंबर) हरियाणा के फतेहाबाद में देवीलाल जी के 109वें जन्मदिवस के ‘सम्मान दिवस समारोह’ के मंच पर विपक्ष की ताक़तों की एकता का अनूठा प्रदर्शन बताता है कि आने वाले दिनों में भारत में सांप्रदायिक फासीवाद के...

सारी दुनिया में फासीवाद के खिलाफ जनसंघर्ष का एक नायाब उदाहरण होगा ‘भारत जोड़ो यात्रा’

आज के दमघोटू, डर और नफ़रत से भरे राजनीतिक वातावरण में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भारी भीड़ के जोश और उत्साह के जो अभूतपूर्व नज़ारे दिखाई दे रहे हैं वे सारी दुनिया के सामने फासीवाद के खिलाफ...

भारत के वॉल्टेयर(पेरियार)किताब: हिंदी पट्टी के लिए एक बौद्धिक पूंजी

‘पेरियार ई. वी. रामासामी, भारत के वॉल्टेयर’ किताब रूप में लेखक ओमप्रकाश कश्यप ने हिंदी पट्टी को एक बड़ी बौद्धिक पूंजी सौंपी है, जिसकी हिंदी पट्टी को बहुत जरूरत थी। सामाजिक तौर पर हिंदी पट्टी भारत के सबसे पतनशील सांस्कृतिक-वैचारिक...

ऐतिहासिक साबित होगी ‘भारत जोड़ो यात्रा’

भारत के सबसे पुराने राजनैतिक दल, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, ने 7 सितम्बर से कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा शुरू कर दी है। देश के 12 राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों से गुजरते हुए यह यात्रा कुल...

‘क्रांति से प्रतिक्रांति’ की ओर बढ़ा एनडीटीवी

तथाकथित रुप से भारत का सबसे लिबरल टीवी चैनल एनडीटीवी कल से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का इंटरव्यू चला रहा है। उस इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ‘भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो मेरे मित्र हैं-उनके...

मंजिल की जुस्तजू में कांग्रेस का कारवां

किसी शायर ने क्या खूब कहा है: मंजिल मिले, मिले, न मिले, कोई गम नहीं, मंजिल की जुस्तजू में मेरा कारवां तो है। हिन्दी के जनप्रतिबद्ध साहित्यकारों में अग्रगण्य बाबा नागार्जुन इसी बात को कुछ यों कहा करते थे...

मंजिल की जुस्तजू में कांग्रेस का कारवां

किसी शायर ने क्या खूब कहा है: मंजिल मिले, मिले, न मिले, कोई गम नहीं, मंजिल की जुस्तजू में मेरा कारवां तो है। हिन्दी के जनप्रतिबद्ध साहित्यकारों में अग्रगण्य बाबा नागार्जुन इसी बात को कुछ यों कहा करते थे...

सनातन धर्म पर आधारित मोहन भागतवत का अखंड भारत बनाम आंबेडकर का प्रबुद्ध भारत 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने 13 अप्रैल को हरिद्वार में कहा कि “20-25 सालों में अखंड भारत होगा, जिसका स्वप्न विवेकानंद और महर्षि अरविंद ने देखा था। लेकिन सब मिलाकर इस दिशा में प्रयास करें...

भारत-माता का संदर्भ और नागरिक, देश तथा समाज का प्रसंग

'भारत माता की जय' भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान सबसे अधिक लगाया जाने वाला नारा था। भारत माता का उल्लेख सबसे पहले किरण चन्द्र बंदोपाध्याय के नाटक 'भारत माता' में आया था जो सन 1873 में खेला गया था।...

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जेल साहित्य को समृद्ध करती मनीष और अमिता की जेल डायरी

भारत में जेल साहित्य दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है, यह अच्छी बात भी है और बुरी भी। बुरी इसलिए...