Wednesday, October 20, 2021

Add News

Harivansh Rai Bachchan

जयंतीः मधुशाला कविता से आगे समाज और इंसानियत के उच्च मुकाम का पैमाना बन गई

जीवित है तू आज मरा सा, पर मेरी यह अभिलाषाचिता निकट भी पहुंच सकूं अपने पैरों-पैरों चलकरयह पक्तियां दर्शाती हैं कि हरिवंश राय बच्चन किस जिजीविषा, जीवटता के कवि-गीतकार थे। छायावाद के बाद जब प्रगतिशील लेखक संघ की स्थापना...
- Advertisement -spot_img

Latest News

महंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध मौत में सीबीआई जांच कि प्रगति अब तक सिफर?

महंत नरेंद्र गिरि कि संदिग्ध मौत के मामले में नैनी जेल में निरुद्ध बाबा के शिष्य आनंद गिरि, बंधवा...
- Advertisement -spot_img