Wednesday, October 27, 2021

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health

1 अरब टीका नहीं, पात्र लोगों का पूर्ण टीकाकरण है मील का पत्थर

असली मील का पत्थर 1 अरब टीका खुराक देना नहीं है बल्कि 12 साल से ऊपर सभी पात्र जनता को निश्चित समय-अवधि के भीतर पूरी खुराक टीका देना है। कोविड टीके के संदर्भ में, किसी भी देश का यही...

मजाज़ जन्मदिन विशेष: एक शायर जिसका गम से था ख़ास रिश्ता

कहने की जरूरत नहीं कि आज मजाज दुनिया पे छाए हुए हैं। लेकिन, हिंदी हो या उर्दू अदब, मजाज का मूल्यांकन ठीक से आज तक नहीं किया गया। एक तरक्कीपसंद शायर, जिसने कभी नरगिस को देखकर कहा था- तेरे...

कोरोना काल जैसी बदहाली से बचने के लिए स्वास्थ्य व्यवस्था का राष्ट्रीयकरण जरूरी

कोरोना काल में जर्जर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था और महंगे प्राइवेट इलाज के दुष्परिणाम स्वरूप लाखों लोगों को असमय ही अपने प्राण गंवाने पड़े। एक समय लगा कि इस व्यवस्था की मार झेलने वाला जनमानस स्वास्थ्य व्यवस्था के पूर्ण राष्ट्रीयकरण...

लखीमपुर खीरी की घटना में निहित चेतावनी को अनदेखा न करें!

लखीमपुर खीरी की घटना एक चेतावनी है- हमारे लोकतंत्र का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है। अजय कुमार मिश्र जिनके हिंसा भड़काने वाले बयान एवं गतिविधियां चर्चा में हैं, कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। वे देश के गृह राज्य मंत्री हैं।...

भूमि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, काले कानूनों की समाप्ति और राजनीतिक बंदियों की रिहाई पर एक दिवसीय सम्मेलन सम्पन्न

नई दिल्ली। तीनों काले कृषि कानूनों की वापसी और एमएसपी पर कानून बनाने के लिए जारी किसान आंदोलन को विस्तार देने व प्रभावशाली बनाने के लिए कल दिल्ली के कान्स्टीट्यूशन क्लब में मजदूर किसान मंच की तरफ से ग्रामीण...

इन तल्ख हकीकतों की नींव पर अपनी लोकलुभावन योजनाएं कैसे खड़ी करेंगे श्रीमान?

नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले साल किसानों को देश भर में कहीं भी ई-प्लेटफार्मों पर अपनी उपज बेचने की ‘अनुमति’दी तो इसे उनके लिए ‘बेहद बड़ी राहत’बताया था। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तो यहां तक कह डाला...

कोविड महामारी पर रोक के लिए रोज़ाना 1 करोड़ टीकाकरण है ज़रूरी

हमारी स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा एक दूसरे की स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर निर्भर है, यह बड़ी महत्वपूर्ण सीख कोविड महामारी ने दी है। पर जिस तरह से कोविड टीकाकरण दुनिया में हो रहा है उसे देख कर यह...

तन्मय के तीर

केंद्र की मौजूदा सरकार अपने बोले गए बड़े से बड़े झूठ के लिए ही आजकल जानी जाती है। अब उसने संसद के भीतर बोला है कि देश में आक्सीजन की कमी से एक भी कोरोना पीड़ित की मौत नहीं...

आर्थिक बदहाली ने तोड़ दी है जनता की कमर

विश्व और देश की भीषण त्रासदी के दौर से गुजरता हुआ देश का आम नागरिक त्रस्त एवं  प्रताड़ित है। संक्रमण के कारण स्वास्थ्य और जीवन पर संकट की जो स्थिति मार्च 2020 में प्रारंभ हुई थी, वह निरंतर जारी रही और मार्च 2021 में भीषणतम हो...

स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक विकास के बीच है गहरा रिश्ता

हाल की वैश्विक कोरोना त्रासदी में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविकता से यह स्पष्ट हो चुका है कि,  देश में स्वास्थ्य-सुविधाओं का ढांचा अत्यधिक कमजोर है। अतः देश के नीति निर्धारकों को देश के भावी विकास और उसमें...
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बर्बाद होते किन्नौर को बचाने के लिए नौजवान चला रहे हैं उपचुनाव में नोटा का अभियान

हिमाचल प्रदेश में मंडी के सांसद राम स्वरूप वर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में दिल्ली के अंदर हुई मौत के...
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