सुभाष गाताडे

‘चरित्रनिर्माण की सदी‘?-3 जब हेडगेवार ने बालासाहेब देवरस को भगत सिंह से ‘बचाने‘ के लिए अध्ययन वर्ग आयोजित किया?

देवरस के इर्द–गिर्द चयनात्मक विस्मृति (Selective Amnesia) को समझना भागवत द्वारा गोलवलकर को हटाया जाना समझा जा… Read More

चरित्र निर्माण की सदी – 2 : संघ परिवार गोलवलकर को ‘विस्मृत’ क्यों करना चाहता है?

‘भविष्य का भारत’ अगर हम पीछे मुड़कर देखें तो नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री के रूप में पहले… Read More

चरित्र निर्माण की सदी-1 आरएसएस कैसे धीरे-धीरे अपने ही इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहा है

एक बिल्ली आँखें बंद करके दूध पीती है और सोचती है कि दुनिया उसे देख नहीं रही… Read More

‘सत्य को बयां करने के रास्ते की मुश्किलों के बारे में’ क्या लेखक सचेत और सक्रिय हैं?

(जनवादी लेखक संघ, दिल्ली के 10 वें राज्य सम्मेलन (4 अप्रैल 2026)  में प्रस्तुत वक्तव्य का संशोधित… Read More

आर एस एस – काया और माया” की समीक्षा : हिन्दुत्व वर्चस्ववाद अतीत का गंधाता कुआं 

धर्मान्ध लोग – जो हंसना भूल गए हैं, रोना भूल गए हैं, और करूणा भूल गए हैं… Read More

संस्कृति की खाल ओढ़ कर आती सांप्रदायिकता कभी ‘इस खेमे से’, तो कभी ‘उस खेमे से’ !

हम को मालूम है जन्नत की हकीक़त लेकिन दिल के खुश रखने को गालिब ये खयाल अच्छा… Read More