Saturday, October 23, 2021

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Himalaya

‘गर फिरदौस बर रुए ज़मीं अस्त; हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमीं अस्त’

श्रीनगर। यह डल लेक है। सामने जो दृश्य दिख रहा है वह पीर पंजाल रेंज है। शायद ऐसा ही दृश्य देखकर जहांगीर ने फारसी में कहा था, 'गर फिरदौस बर रुए ज़मीं अस्त, हमीं अस्तो, हमीं अस्तो, हमीं अस्त'...
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