journalism

पत्रकारिता के बीच देखी संवेदनहीन समाज की आवाज़ है ‘प्रतिरोध के स्वर”

समदर्शी प्रकाशन से प्रकाशित ‘प्रतिरोध के स्वर’ काव्य संग्रह के कवि वरिष्ठ लेखक पत्रकार प्रमोद झा हैं।… Read More

‘मिलकर बात करने का वायदा अधूरा रह गया मुकेश चंद्राकर’

दिल्ली। मुकेश चंद्राकर बस्तर की पत्रकारिता का वह नाम जिसे देश-विदेश से आने वाले सभी पत्रकार मिलने… Read More

कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान: जहां सवर्ण प्रगतिशीलों की अनुपस्थिति खल रही थी

नई दिल्ली। पांचवां कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान समारोह 15 नवम्बर को दिल्ली स्थित गांधी शांति प्रतिष्ठान में… Read More

पत्रकारों और पत्रकारिता की हिमायत में गुजारिश: सारे धान पसेरी के भाव मत तौलिये !

3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस था। पर कुछ गुणी और सुधी मित्रों की ऐसी टिप्पणियां… Read More

भड़ास के संपादक यशवंत के साथ दिल्ली पुलिस के एक इंस्पेक्टर ने किया अपराधियों जैसा व्यवहार

नई दिल्ली। भड़ास फॉर मीडिया के संपादक यशवंत सिंह को हाल ही में एक मनगढ़ंत एफआईआर में… Read More

वाराणसी: सच लिखने पर संपादक पर मुकदमा, यूपी के परिवहन मंत्री दयाशंकर पर दबाव बनाने का आरोप

वाराणसी। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तम्भ माना जाता है, यहां तक कि जब कहीं सुनवाई नहीं होती… Read More

कुलदीप नैयर: मानवाधिकार तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आजीवन संघर्षरत रहे

नई दिल्ली। यह अस्सी के दशक की बात है। मैं गांधीवादियों, समाजवादियों और आंबेडकरवादियों के विभिन्न आंदोलनकारी… Read More