Tuesday, October 26, 2021

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Justice S. Ravindra Bhat

नागरिकों के स्वतंत्र अभिव्यक्ति को आपराधिक मामलों में फंसाकर दबाया नहीं जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय ने कठोर टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश के नागरिकों के स्वतंत्र अभिव्यक्ति को आपराधिक मामलों में फंसाकर दबाया नहीं जा सकता है, जब तक कि इस तरह के भाषण में सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने...
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