बीच बहस ‘हिमालय दलित है’-1: दलित, जिसके नाम को ही बना दिया गया गाली by Janchowk January 1, 2026 (‘हिमालय दलित है’ कवि और साहित्यकार मोहन मुक्त का बेहद चर्चित काव्य संग्रह है। इसकी समीक्षा कई… Read More
संस्कृति-समाज पहाड़ की खुरदुरी जमीन पर मोहन मुक्त ने खड़ा किया है कविता का हिमालय by शिव प्रसाद जोशी September 18, 2022September 19, 2022 वो तुम थे एक साधारण मनुष्य को सताने वाले अपने अपराध पर हँसे ठठाकर, और अपने आसपास… Read More
संस्कृति-समाज ‘हिमालय दलित है’ कविता के परंपरागत प्रतिमानों को ध्वस्त करता संग्रह by डॉ. सिद्धार्थ August 5, 2022August 5, 2022 ‘हिमालय दलित है’ मोहन मुक्त का पहला कविता संग्रह है। संग्रह की कविताएं धधकते लावे की तरह… Read More