Tuesday, October 26, 2021

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Muslim professor

संस्कृतविद मोलवी, गोभक्त मुसलमान और नमाज की मुद्राओं में ऋचाएं पढ़ता एक वैदिकधर्मी युवक!

मेरे पिता को ऋग्वेद पूरा कंठस्थ था। वे अग्नि सूक्त से संज्ञान सूक्त तक धाराप्रवाह सुना सकते थे। यजुर्वेद तो उनके लिए सहज पाठ था। वह भी कंठस्थ, लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उन्हें कुरआन की आयतें...
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सज़ा उम्रकैद की, सुनवाई में ही कटे 17 साल जेल में, मामला लम्बित

उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से कहा है कि वह उन तीन आरोपियों की अपील पर जल्दी सुनवाई करे...
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