Saturday, October 23, 2021

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भौतिकवाद से दूर आदिवासी साहित्य में जीवन सौंदर्य

प्रख्यात विद्वान और 22 भारतीय भाषाओं की लोक-कथाओं का संकलन और संपादन करने वाले एके रामानुजन ने लोक साहित्य को कुछ यूं व्याखायित किया है: “लोक साहित्य भारतीय पिरामिड का वह आधार है जिस पर शेष समस्त भारतीय साहित्य...

महान गणितज्ञ रामानुजन की सौवीं पुण्यतिथि पर विशेष: ‘वह शख्स़ जो अनंत जानता था’

वह 1913 का साल था जब श्रीनिवास रामानुजन, नामक मद्रास पोर्ट ट्रस्ट में काम कर रहे साधारण क्लर्क ने, केम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अध्यापन कर रहे प्रोफेसर जी एच हार्डी को पत्र लिखा, जिसमें शामिल कागज़ों में उनके गणितीय प्रमेय/थियरम शामिल थे। और...
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उत्तराखंड में जानलेवा साबित हुई जहर की बारिश

अत्यधिक वर्षा, भूस्खलन और तबाही, जलवायु परिवर्तन के लक्षण साफ हैं। पर हम जलवायु-परिवर्तन को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते...
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