Monday, October 25, 2021

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सावरकर दया याचिका: गांधी अपने सिद्धांतों के खिलाफ जाकर किसी को नहीं देते थे सलाह

हिन्दू राष्ट्रवाद अपने नये नायकों को गढ़ने और पुरानों की छवि चमकाने का हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके लिए कई स्तरों पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हाल में 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) को महात्मा गांधी के...

माफीनामों के वीर हैं सावरकर

सावरकर सन् 1911 से लेकर सन् 1923 तक अंग्रेज़ों से माफी मांगते रहे, उन्होंने छः माफीनामे लिखे और सन् 1923 के बाद वह लगातार ही इस देश की जनता को बांटने की बात करते रहे। नफरत और हिंसा की...

सावरकर के बचाव में आ रहे अनर्गल तर्कों और झूठ का पर्दाफाश करना बेहद जरूरी

एबीपी न्यूज पर एक डिबेट के दौरान एंकर रुबिका लियाकत ने यह सवाल पूछा कि, कांग्रेस के कितने नेताओं को कालापानी की सज़ा मिली थी ? इसके उत्तर में कांग्रेस के प्रवक्ता ने गांधी, नेहरू की जेल यात्राओं के...

सावरकर के राष्ट्रवाद को अम्बेडकर ने भारत के लिए ख़तरनाक क्यों कहा था?

देश के मौजूदा सत्ताधारी जब कभी मौका पाते हैं, स्वतंत्रता आंदोलन के खास कालखंड के एक विवादास्पद चरित्र-विनायक दामोदर सावरकर के महिमा-मंडन के लिए कोई न कोई नयी कथा रचते नजर आते हैं। देश के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के...

एक ऐतिहासिक विवाद का पटाक्षेप करने के लिए राजनाथ सिंह को धन्यवाद!

इसे स्थिति का व्यंग्य कहा जाए या व्यंग्य की स्थिति कि जो व्यक्ति महात्मा गांधी की हत्या का मास्टर माइंड माना गया था लेकिन अदालत में तकनीकी कारणों से संदेह का लाभ पाकर बरी हो गया था, उसे महान...

द्विराष्ट्र के सिद्धांत के जनक कौन- जिन्ना या सावरकर?

पिछले तीन चार वर्ष से वी डी सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी सिद्ध करने का एक अघोषित अभियान कतिपय इतिहासकारों द्वारा अकादमिक स्तर पर अघोषित रूप से चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी सावरकर को महिमामण्डित करने वाली...

सावरकर प्रकरण: बंटवारे की भूमिका लिखने वाले, बंटवारे को रोक कैसे सकते थे ?

वीडी सावरकर पर एक और विवाद कि, उन्होंने गांधी जी के कहने पर अंग्रेजों से माफी मांगी थी, उदय माहुरकर और चिरायु पंडित की किताब, द मैन हू कुड हैव प्रिवेंटेड पार्टीशन, वीर सावरकर, के विमोचन के अवसर पर...

रेप ऑफ हिस्ट्री! राजनाथ के सावरकर संबंधी बयान पर आयीं तीखी प्रतिक्रियाएं

आज़ादी के लिये संघर्ष करते देश को 'हिंदू राष्ट्र' की अवधारणा देकर देश को बंटवारे और समाज को नफ़रती सांप्रदायिक विभाजनवादी मानसिकता में धकेलने वाले माफ़ी वीर विनायक दामोदर सावरकर को लेकर भाजपा और आरएसएस जब तब उल्टियां करते...

गांधीजी की हत्या के प्रयास तो 1934 से ही शुरू हो गए थे!

महात्मा गांधी की हत्या के संदर्भ में उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे के समर्थक और हिंदुत्ववादी नेता अक्सर यह दलील देते रहते हैं कि गांधीजी ने भारत के बंटवारे को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया, उनकी वजह से ही...

विभाजन मोदी का स्थायी भाव है!

वैसे निर्लज्जता की कोई सीमा नहीं होती है। यह बात कल प्रधानमंत्री मोदी की उस पहल से समझ में आयी जिसमें उन्होंने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाने का उपक्रम किया। अब इसे क्या कहा जाए जिसकी पूरी नींव ही...
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एक्टिविस्ट ओस्मान कवाला की रिहाई की मांग करने पर अमेरिका समेत 10 देशों के राजदूतों को तुर्की ने ‘अस्वीकार्य’ घोषित किया

तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने संयुक्त राज्य अमेरिका, जर्मनी, फ़्रांस, फ़िनलैंड, कनाडा, डेनमार्क, न्यूजीलैंड , नीदरलैंड्स, नॉर्वे...
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