Monday, October 25, 2021

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बचा-खुचा लंगड़ा लोकतंत्र भी हो गया दफ्न!

आह, अंततः लोकतंत्र बेचारा चल बसा। लगभग सत्तर साल पहले पैदा हुआ था, बल्कि पैदा भी क्या हुआ था। जैसे-तैसे, खींच-खांच कर बाहर निकाला गया था। अविकसित, अपूर्ण, रुग्ण। उम्मीद थी कि एक बार जैसे-तैसे बाहर आ जाएगा और...
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ग्राउंड रिपोर्ट: थाने में ही हो गयी थी अरुण वाल्मीकि की मौत

आगरा। नाम- अरुण वाल्मीकि। उम्र-24 साल। पेशा-सफाई कर्मी। विवाह- शादीशुदा, तीन छोटे बच्चे, दो लड़कियां एक लड़का। सबसे छोटी...
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