Tuesday, March 5, 2024

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आज भी बनी हुई है सावित्रीबाई फुले के विचारों की प्रासंगिकता

वाराणसी/जौनपुर। भारत देश की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले के विचारों की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। सावित्रीबाई फुले ने समाज और खासकर महिलाओं की उन्नति के लिए शिक्षा की जो अलख जगाने का काम किया उसी के...

आज भी परंपराओं की बेड़ियों में बंधी हैं ग्रामीण औरतें

गरुड़, उत्तराखंड। पिछले कुछ दशकों में भारत ने तेज़ी से विकास किया है। चाहे वह विज्ञान का क्षेत्र हो, अंतरिक्ष हो, टेक्नोलॉजी हो, राजनीति हो, अर्थव्यवस्था हो या फिर ग्लोबल लीडर की भूमिका हो, सभी में भारत का एक...

अपने शरीर पर सिर्फ महिला का ही अधिकार, अबॉर्शन पर अंतिम निर्णय महिला ही लेगी: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दोहराया कि महिला को अपने शरीर पर अकेले अधिकार है और वह इस सवाल पर अंतिम निर्णय लेने वाली है कि क्या वह अबॉर्शन कराना चाहती है। अदालत ने यह टिप्पणी 25 वर्षीय बलात्कार...

केरल हाईकोर्ट: पुरूषों का शर्ट बिना घूमना यदि अश्लीलता नहीं, तो महिलाओं का ऊपरी हिस्सा नग्र होना कैसे अश्लीलता है?

महिलाओं के ऊपरी शरीर का नग्र होना अपने आप में यौनिक प्रदर्शन नहीं है। न ही इसको अश्लील और अशोभनीय कहा जा सकता है। न ही इसे आपराधिक कृत्य ठहराया जा सकता है। केरल हाईकोर्ट ने एक मामले की...

मेरी रॉयः एक विदुषी जो सामाजिक योद्धा भी थीं

केरल की विख्यात शिक्षाविद् और महिला अधिकार कार्यकर्ता मेरी रॉय (1933-2022) नहीं रहीं। वह सुप्रसिद्ध अंग्रेजी लेखिका और विचारक अरुंधति रॉय की मां थीं।  मेरी रॉय से हमारी पहली मुलाकात सन् 2006 में हुई। उनका लंबा इंटरव्यू किया, जो उसी साल...

 महिलाओं से फिर-फिर हैवानियत: पितृसत्ता की जड़ें उखाड़े बिना त्राण नहीं 

देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस को अभी कुल मिलाकर पखवाड़ा भर ही बीता है। इसलिए पाठकों को याद होगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस दिन लालकिले की प्राचीर से अपने लम्बे सम्बोधन में स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के योगदान...

बिलकीस मामले में नंगी हो गयी पूरी व्यवस्था

ये मैं बतौर महिला दूसरी महिला से कहना चाहती हूं। ये मैं आप सब लोगों से कहना चाहती हूं।। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कैसा लगता है जब मर्दों की एक भीड़ आपके ऊपर झपट्टा मारती है, वो एक...

उत्तराखंड: फिर अंगड़ाई लेने लगी आंदोलनों की धरती

हेलंग (जोशीमठ)। जन आंदोलनों की धरती उत्तराखंड एक बार फिर अंगड़ाई लेती प्रतीत होने लगी है। वजह एक बार फिर गौरा देवी के चिपको आंदोलन की धरती बनी है, यानी जोशीमठ घाटी। चमोली जिले के हेलंग में महिलाओं से...

युद्ध में झुलसती मनुष्यता और मनुष्य की क्रूरता का आख्यान  

दुनिया में नर्क और दर्द का दायरा बहुत बड़ा है। अपेक्षाकृत विकसित समझे जाने वाले ऐसे यूरोपीय देश, जहां एक समय समाजवाद की जमीन तैयार की जा रही थी, वे  भी इससे अछूते नहीं हैं। अलग-अलग जातीय-समूहों और देशों...

ऐपवा ने किया सरकार के फैसले का विरोध, कहा- 18 वर्ष के युवा सरकार चुन सकते हैं तो जीवन साथी क्यों नहीं?

महिलाओं की शादी की उम्र को 18 से 21 वर्ष किए जाने के सरकार के फैसले का कई महिला संगठन विरोध कर रहे हैं। वामपंथी महिला संगठन एपवा ने कहा है कि महिलाओं के लिए शादी की उम्र को...

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ग्राउंड रिपोर्ट: पशुधन बना आमदनी का साधन

देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आय का सबसे सशक्त माध्यम कृषि है। देश की आधी से अधिक ग्रामीण आबादी...