पूर्व दूरसंचार संचार नियंत्रक और रिटायर्ड नौकरशाह आशीष जोशी पर आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस (स्पेशल सेल) उन्हें बुधवार सुबह मॉर्निग वाक से ले गई और शाम को छोड़ा तथा इस बीच परिजनों को सूचित तक नहीं करने दिया।
मामला उनके हालिया सोशल मीडिया पोस्ट्स से जुड़ा बताया जा रहा है।
नौ घंटे की पूछताछ से छूटने के बाद आशीष जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर को टैग करते हुए अपना दर्द और नाराजगी जताई। उन्होंने लिखा कि हिरासत या पूछताछ के दौरान परिवार को सूचित करना एक कानूनी अनिवार्यता है, कोई ऐच्छिक शिष्टाचार नहीं।
उन्होंने बताया, “बुधवार सुबह जब मैं मॉर्निंग वॉक पर था, तब पुलिसकर्मी मुझे यह कहकर साथ ले गए कि इसमें बहुत कम समय लगेगा। लेकिन वक्त बीतने के साथ जब मैंने अपनी पत्नी को खबर करने की बात कही, तो अधिकारियों ने ‘ऊपर के निर्देशों’ का हवाला देकर साफ इनकार कर दिया।
जोशी ने बताया कि उन्हें पूरे दिन में पहली बार शाम 6:38 बजे अपने घर फोन करने दिया गया। इस दौरान उनका परिवार और करीबी दोस्त अनहोनी की आशंका से पूरे दिन सख्त मानसिक तनाव और घबराहट में रहे। उन्होंने पुलिस आयुक्त से मांग की है कि सभी पुलिस इकाइयों को सख्त निर्देश जारी किए जाएं ताकि किसी अन्य नागरिक के परिवार को इस तरह की प्रताड़ना न झेलनी पड़े।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जोशी को चाणक्यपुरी इलाके से पूछताछ के लिए ले जाया गया था। यह कार्रवाई स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस यूनिट में दो दिन पहले दर्ज किए गए एक मामले के सिलसिले में हुई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 192 लगाई गई है।
पुलिस के एक सूत्र ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जोशी ने हाल में निर्वाचन आयोग के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। पुलिस ने इन पोस्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के बाद उनके दावों की पुष्टि के लिए उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस के अनुसार, स्पेशल सेल के कार्यालय में जोशी से उनकी सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में सवाल किए गए और उनके द्वारा पोस्ट किए गए संदेशों को उनके सामने रखा गया। पुलिस सूत्र के मुताबिक, दावों की जांच और पुष्टि करने के बाद उन्हें जाने दिया गया।
आशीष जोशी को पुलिस द्वारा ले जाए जाने की जानकारी बुधवार सुबह तब सार्वजनिक हुई जब कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि जोशी को चाणक्यपुरी स्थित नेहरू पार्क में मॉर्निंग वॉक के दौरान दो पुलिसकर्मी अपने साथ ले गए हैं।
दीक्षित ने कहा कि उन्हें इस बारे में जोशी की पत्नी से जानकारी मिली। उनके मुताबिक, सुबह करीब 10 बजे से जोशी का पता लगाने की कोशिश की जा रही थी और उनका फोन भी बंद आ रहा था। उन्होंने दिल्ली पुलिस और पुलिस कमिश्नर से यह बताने की मांग की कि जोशी को कहां ले जाया गया है।
शाम करीब 7 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित सीआई यूनिट के कार्यालय के बाहर जमा हो गए और जोशी को छोड़े जाने की मांग करने लगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, लोगों की भीड़ को देखते हुए स्पेशल सेल के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त स्तर के एक अधिकारी ने जोशी को पुलिस वाहन से उनके घर छोड़ने का फैसला किया। पुलिस का कहना था कि उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाना जरूरी था।
घर पहुंचने के बाद आशीष जोशी ने एक्स पर लिखा कि वह घर पहुंच गए हैं और दिल्ली स्पेशल सेल उन्हें घर छोड़कर गई है।
आशीष जोशी दूरसंचार विभाग के पद पर रह चुके हैं। वह सेवानिवृत्त अतिरिक्त सचिव भी हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर वह सार्वजनिक और राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करते रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार एफआईआर भले निर्वाचन आयोग से संबंधित पोस्ट को लेकर की गई है लेकिन पुलिस की पूछताछ के केंद्र में जोशी की पिछले दिनों जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों से निबटने के तरीकों के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री और गृह सचिव के बीच कथित मतभेदों और विवाद पर की हुई पोस्ट थी।
(जनचौक ब्यूरो)