वोट जनाधिकार यात्रा: राजनीतिक झंडों से पटी सड़क के बीच गूंज रहे हैं रोजगार और पलायन के मुद्दे

दरभंगा। ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ यह नारा सुबह आठ बजे से ही दरभंगा के नेशनल हाईवे 27 पर जनता द्वारा जोरों शोरों से लगाया जा रहा था। हाईवे के आस-पास के गांव और शहर से आए लोग राहुल गांधी की एक झलक पाने के लिए चिलचिलाती धूप में खड़े थे। यह हाल लगभग हर उस जगह का है जहां से ‘वोट अधिकार रैली’ पार हो रही है। इसी रैली को जनचौक की टीम पर ग्राउंड जीरो पर देखने के लिए पहुंची।

बिहार में 16 दिन के लिए लगभग 1300 किलोमीटर तक चलने वाली इस रैली में महागठबंधन की पार्टियों ने हिस्सा लिया है। जिसे कांग्रेस द्वारा लीड किया जा रहा है। इस रैली में कांग्रेस से राहुल गांधी, आरजेडी के तेजस्वी यादव, भाकपा माले के दीपंकर भट्टाचार्य, विकासशील इंसाफ पार्टी के मुकेश साहनी, पूर्णिया सांसद पप्पू यादव मुख्य रुप से नजर आ रहे हैं।

16 दिन की इस रैली में फिलहाल मुजफ्फरपुर तक इन नेताओं के अलावा प्रियंका गांधी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, और अन्य कांग्रेस के नेताओं ने हिस्सा लिया है।

अब तक की रैली में राहुल गांधी ने जगह-जगह पर सभा कर लोगों को संबोधित किया। जिसमें सबसे अहम मुद्दा एसआईआर (स्पेशल इंटेशिव रिवीजन) पर हमला किया। वह लगातार अपनी सभा में गहन निरीक्षण के नाम पर कैसे वोट चोरी हो रहा है, इससे सरकार को क्या लाभ होगा। इस पर चर्चा कर रहे हैं।  

राहुल गांधी को देखने के लिए उमड़ रही है भीड़

दरभंगा में वोट अधिकार रैली के दौरान जनता की काफी भीड़ थी। हमने इस दौरान कई लोगों से रैली और वोट चोरी के बारे में बात की।

सड़कों किनारे पर लगें कांग्रेस, आरजेडी, वीआईपी, भाकपा माले के झंडों के साथ स्थानीय नेताओं के बैनर लगे हुए थे। सड़क पर महिलाओं और बच्चों का भी एक हुजूम देखने को मिला।

दरभंगा के गाय घाट विधानसभा क्षेत्र में अति पिछड़ा (मछुआरा, तांती) समुदाय की जनसंख्या अधिक हैं। इसी दौरान रास्ते में सड़कों के किनारे कई जगहों में महिलाएं और बच्चे वीआई के झंडे के साथ आए और अपने नेता मुकेश साहनी के लिए नारे लगा रहे थे।

देवेंद्र दरभंगा में भाकपा माले के कार्यकर्ता हैं। वह लगातार एसआईआर और वोट अधिकार रैली पर अपनी नजर बनाए हुए हैं। वह बताते हैं कि ‘मैं एसआईआर के आने के बाद से ही लोगों को इसके बारे में बताकर वोटर आईडी कार्ड के लिए काम कर रहा हूं। मैंने जाले विधानसभा में कई लोगों को फॉर्म का काम स्वयं कराया है। इसके बाद भी लोगों के नाम कट गए हैं। जिंदा लोगों को मृत घोषित किया जा रहा है। इसलिए यह रैली बहुत ज़रूरी है। जिससे लोग यह समझ पाएं कि वोट का अधिकार कितना ज़रूरी है”।

दरभंगा के ही शिवधारा चौक से 10वें दिन रैली शुरु होनी थी। इससे पहले ही राहुल गांधी जिस होटल में ठहरे थे वहां लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए। एक पुलिस वाले ने मुझे बताया कि पिछली रात राहुल गांधी की एक झलक देखने के लिए लोग परेशान थे। गांव-गांव से महिलाओं का झुंड और बच्चे आए थे। स्थिति यह थी कि लोगों को संभालना मुश्किल था। यही हाल सुबह भी है। आप खुद ही देखिए सुबह ही लोग होटल के पास पहुंच गए हैं।

इस होटल के बाहर दरभंगा की कुछ आशा वर्कर्स राहुल गांधी को अपनी परेशानियां बताने आई थीं। हमने इस बारे में विमल देवी और शबन रिजवाना से बात की।

वह बताती हैं कि सरकार हमसे 24 घंटे काम करा रही है। लेकिन हमारी मजदूरी एक लेबर से भी कम है। मात्र 1000 रुपए में हमसे गर्भवती महिलाओं को हर प्रकार की सेवा देने के साथ-साथ डिलीवरी करवाने के उम्मीद की जा रही है। इतने में कैसे गुजारा होगा। हम लोग इस रैली के द्वारा अपनी बात रखने आए हैं। ताकि हमारी परेशानी पर किसी की नजर पड़े।

रैली में युवाओं और छोटे बच्चों ने भी हिस्सा लिया। लोगों की चाहत एक बार राहुल गांधी को देखने की थी। शाहनवाज नौवीं में पढ़ने वाला एक छात्र है। वह शिवधारा चौराहे की सड़कों पर अपने साइकिल में राहुल गांधी की फोटो लगाकर घूम रहा था। हमने इस बारे में उससे जानना चाहा। वह कहता है कि मेरे घर के लोग भी यहां आए हैं। मुझे पता चला कि राहुल गांधी हमारे शहर आए हैं इसलिए देखने के लिए आए हैं। मोबाइल पर उन्हें कई बार देखा है आज सामने से देखेंगे।

इसी चौराहे पर थोड़ी उम्रदराज महिलाएं लालू यादव की फोटो के साथ आई थीं। जिनके लिए आज भी लालू यादव ही उनके नेता हैं।

रोजगार सबसे बड़ा मुद्दा

इसमें कुछ भीड़ ऐसी थी जो वोट अधिकार यात्रा के अलावा राज्य के अन्य मुद्दों पर चर्चा कर रही थी। इसमें युवा शामिल थे। एक युवक ने कहा कि वोट चोरी का मामला जो है वो तो है ही, लेकिन हमें रोजगार चाहिए, मैं स्वयं बीए पढ़ा हूं। इसलिए राजनीतिक पार्टियों से गुजारिश है कि इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा जोर दें। ताकि हमें कमाने के लिए बाहर न जाना पड़े।

यहीं राजकुमार यादव हाथ में आरजेडी का झंडा लिए हुए घूम रहे थे। वह और उनका ग्रुप लगातार वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा लगा रहा था। लगभग 35 डिग्री सेल्सियस तापमान में पसीने से भीगे युवा का जोश देखते ही बनता था।

राजकुमार और उनका ग्रुप सवाल उठाते हुए कह रहा है कि एक ही घर में 80 -100 वोट कैसे हो सकते हैं? फर्जी वोटर्स के दम पर भाजपा जीत रही है। कम से कम अब लोगों को वोट चोरी के मामले के बारे में पता चल गया है। अब लोग वोट को लेकर जागरुक हो रहे हैं। गांव-गांव के लोग अब अपने अधिकार को लेकर सजग हो रहे हैं। इस रैली ने लोगों को और जागरुक कर दिया है। चुनाव में नतीजा जो भी हो लेकिन राहुल गांधी ने पूरे देश को यह बता दिया है कि वोट की चोरी कैसे हो रही है। जिसको लेकर हमें जागरुक होने की ज़रूरत है।

10वें दिन रैली दरभंगा से होती हुई गायघाट में राहुल गांधी ने सभा को संबोधित किया मुजफ्फरपुर में जीरो माइल्स पर भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां भी लोगों का हुजूम देखने लायक था। लोग घरों की छतों पर चढ़कर इस रैली को देख रहे थे।

11वें दिन रैली सीतामढ़ी से शुरु होकर मोतिहारी गई। जहां तीन आतंकियों की घुसपैठ की खबर के बाद से ही मोतिहारी में महागठबंधन की रैली का रूट बदल दिया गया।

आपको बता दें कि इस रैली की शुरुआत सासाराम से की गई है। जिसे कांग्रेस का गढ़ कहा जाता है। साथ ही एक जमाने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे बाबू जगजीवन राम भी इसी जिले के रहने वाले थे। यात्रा का अंत एक सितंबर को पटना में होना है।

(पूनम मसीह की रिपोर्ट।) 

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