बिहार विधानसभा के 2025 के चुनावों के बाद क्या?

रूस में निरंकुश जारशाही के खिलाफ नवंबर 1917 में व्लादिमीर इलियच लेनिन की अगुवाई में सोशलिस्ट क्रांति के समय उन्होंने व्हाट इज टू बी डन (अब क्या करना है) किताब लिखी थी, जो रूस में धोखाधड़ी से आजीवन राष्ट्रपति बन गए व्लादिमीर इलियच पुतिन के राज में नहीं मिलती है।

पर कार्ल मार्क्स ने भारत के पहले और आखरी हथियारबंद संघर्ष के बारे में लंदन से अमेरिका के न्यूयॉर्क डेली ट्रिब्यून को भेजे डिस्पैच में उत्तर प्रदेश के जिस कानपुर नगर को वहां कपड़ा मिलों की बहुतायत के कारण मैनचेस्टर ऑफ द ईस्ट (पूरब का मैनचेस्टर) लिखा वहाँ करेंट बुक डिपो या जेएनयू न्यू कैपस के कमल शॉपिंग कंपलेक्स के गीत बुक सेंटर में या जेएनयू ओल्ड कैंपस के मेन गेट के सामने बेरसराय गांव में जवाहर बुक डिपो में यह किताब मिल सकती हैं।

बिहार विधान सभा के चुनावों के परिणामों के बाद क्या होगा यह जानने पूरे भारत के लोगों में ही नहीं दुनिया भर के लोगों के बीच गहरी उत्सुकता है। सात मतदान पूर्व के सोशल मीडिया पर प्रचार सर्वेक्षणों में लाइव मिनट, जेडब्ल्यू पोल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक रहे नानाजी देशमुख के नाती अरविंद देशमुख के सी वोटर, न्यूज एक्स, लोक पोल, वोट वी और अन्य के पोल ऑफ द पोल्स के अनुसार इसमें कांटे की टक्कर है।

इन सर्वेक्षणों के अनुसार वोट शेयर का औसत  लोक सभा के 2014 के बाद से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई के नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (एनडीए) में शामिल राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बनाए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और इसके सहयोगी पार्टियों को 38 से 40 प्रतिशत, कांग्रेस की अगुवाई के इंडिया अलायंस में शामिल पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बनाए राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और वामपंथी पार्टियों को  37 से 39 प्रतिशत, प्रशांत किशोर पांडे की बनाई पार्टी  जन सुराज को  8 से 10 प्रतिशत, अन्य  दलों दल और निर्दलीय को  10 से 12 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है।

एनडीए और इंडिया अलायंस को संभावित वोटों में सिर्फ  1 से 2 प्रतिशत का अंतर है। लोक पोल ने  इंडिया अलायंस  को 38.5 प्रतिशत और एनडीए  को 37.2 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना व्यक्त की है जबकि वोट वाइब के अनुसार इंडिया अलायंस को 36 प्रतिशत और एनडीए  को 35 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। जेसीबी पोल ने  एनडीए  को 41 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना व्यक्त की है जो सबसे ज्यादा है।

मतदान पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार बिहार की 243 सीटों की विधान सभा में विभिन्न पार्टियों की संभावित जीत का अनुमान निमन्वत है:

-एनडीए  110 से 130
-इंडिया अलायंस  105 से 120
-जन सुराज और अन्य 8 से 15

बिहार विधान सभा में साफ बहुमत के लिए  122 सीट जीतने की जरूरत है। सी वोटर और न्यूज एक्स ने एनडीए को 125 से 135 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की है पर लोक पोल ने इंडिया अलायंस को 118  से 126 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की है। वोट वाइव ने एनडीए  को 115 से 120 सीटें और इंडिया अलायंस को 110 से 118  सीटें मिलने की संभावना व्यक्त कर कहा है खंडित जनादेश से इनकार नहीं किया जा सकता है।

सर्वेक्षणों के अनुसार संभावित परिणामों में विभिन्न पार्टियों और उनके गठबंधन के सामाजिक-जातिगत समर्थन का ब्योरा निमन्वत है:

-एनडीए को नीतीश कुमार सरकार की स्कूली लड़कियों के लिए मुफ़्त साइकिल , शराबबंदी के कारण ज्यादातर महिलाओं का समर्थन
-इंडिया अलायंस को 18 से 35 वर्ष के युवाओं को सरकारी नौकरी देने के आरजेडी नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के चुनावी वादे के कारण 5 से 48 प्रतिशत का समर्थन,  मुस्लिम और यादव समुदाय के 42 से 45 प्रतिशत लोगों का समर्थन, इस अलायंस को उसके आधार का 75 से 80 प्रतिशत समर्थन
-एनडीए को ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ आदि सवर्ण जातियों का 60 से 65 समर्थन, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की जातियों
(ईबीसी) के ज्यादातर वोटरों  का समर्थन
-अनुसूचित जातियों (दलित और महादलित) एनडीए और इंडिया एलायन्स में बंटे

मुख्यमंत्री चेहरे में लोकप्रियता:

-तेजस्वी प्रसाद यादव  35 से 38 प्रतिशत समर्थन से  सर्वे में सबसे आगे
-नीतीश कुमार को सत्ता विरोधी रुझान के बावजूद  22 से 28 प्रतिशत समर्थन
-प्रशांत किशोर को 8 से 12 प्रतिशत समर्थन

नीतीश कुमार के खिलाफ 45 से 50 प्रतिशत वोटरों के होने के बावजूद एनडीए को ज्यादा समर्थन संकेत देता है कि इन चुनावों में कोई साफ लहर नहीं है। चुनावों में 62 प्रतिशत वोटरों ने बेरोजगारी को , 28 प्रतिशत वोटरों ने महंगाई, 22 प्रतिशत ने अपराध और 18 प्रतिशत ने बाढ़ की स्थिति को प्रमुख मुद्दे माने हैं।  

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

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