Monday, October 25, 2021

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अमेरिकी संसद भवन के दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू, सिर पर फर्र और सींग के पहनावे वाला शख्स गिरफ्तार

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नई दिल्ली। जानवर का फर्र पहने और सिर पर सींग लगाने के बाद अमेरिकी संसद भवन में सीना खोल कर घूमने वाले शख्स को गिरफ्तार कर लिया गया है। 36 साल के एडम जानसन नाम के इस शख्स को स्पीकर पेलोसी के भाषण मंच पर बैठे हुए देखा गया था।

अमेरिकी मार्शलों ने उसे शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके फोटोग्राफ तकरीबन वायरल हो गए थे जिसमें उसे कैमरे के सामने एक हाथ हिलाते हुए तथा दूसरे में स्पीकर पेलोसी के भाषण मंच को लिए हुए दिखाया गया था। अपने सिर पर उसने ट्रम्प बुना हैट पहन रखा था। जिसके सामने 45 नंबर लिखा हुआ था।

जेल बुकिंग रिकार्ड उसकी गिरफ्तारी के संदर्भ में कुछ विवरण देता है लेकिन उसमें दिखाया गया है कि उसे एक फेडरल वारंट पर गिरफ्तार किया गया है। उसके ऊपर एक प्रतिबंधित सरकारी बिल्डिंग में बगैर वैध इजाजत के घुसने और वहां बने रहने का आरोप लगाया गया है। इसमें सरकारी संपत्ति की चोरी का इल्जाम भी शामिल है। इसके साथ ही हिंसक रूप से घुसने और कैपिटल ग्राउंड में अराजकता फैलाने संबंधी धाराएं भी उसके खिलाफ लगाई गयी हैं।

जानसन

एक बयान में वाशिंगटन स्थित शीर्ष फेडरल वकील माइकेल शेरविन ने कहा है कि “मेरा दफ्तर और मेरे कानून लागू करने वाले सहयोगी सभी स्तरों पर बहुत तेजी से काम कर रहे हैं। इसके साथ ही हम अपने उन सभी संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनसे उन व्यक्तियों की पहचान करके उनकी गिरफ्तारी की जा सकती है जो अमेरिकी कैपिटल हिल के इस मूर्खतापूर्ण आपराधिक कृत्य में शामिल थे”।

शेरविन के दफ्तर ने शनिवार को बताया कि इसने एक जाने माने षड्यंत्रकारी सिद्धांतकार जेक एंजेली को भी गिरफ्तार किया है जिसकी बुधवार को कैपिटल हिल से फोटो आयी थी।

शेरविन की आफिस के मुताबिक एंजेली बिल्डिंग में बगैर शर्ट के अपने चेहरे को लाल, सफेद और नीले रंग से पेंट करके प्रवेश किया और सिर पर उसने भेड़ का फर्र पहन रखा था जिसमें सींग लगे हुए थे। इसके साथ ही वह एक भाला भी लेकर घूम रहा था। जो छह फिट लंबा था। और उसके ब्लेड के बिल्कुल नीचे एक अमेरिकी झंडा लगा हुआ था।

एंजेली का पहनावा सबसे ज्यादा पहचानने योग्य था। और उसका यह रूप और पहनावा दक्षिणपंथी अराजक तत्वों से लेकर आम अमेरिकी के डिनर टेबल तक पर चर्चे का विषय था। 2016 की रैली के चुनाव के बाद एंजेली अरिजोना में ट्रम्प समर्थकों का फिक्सर था।

इसके साथ ही दफ्तर ने डेरिक इवान्स के भी खिलाफ मामला दर्ज किया है। वे पश्चिम वर्जीनिया में सूबे की विधानसभा के सदस्य हैं। उन्होंने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके खिलाफ भी एंजेली से जुड़ी धाराएं लगायी गयी हैं।

शनिवार की बिल्कुल सुबह एफबीआई ने डौग जेनसेन को गिरफ्तार किया। जो उन्हीं अतिवादी प्रदर्शनकारियों में शामिल थे। उनका एक वीडियो सामने आया था जिसमें वह पुलिसकर्मियों की हिदायत को दरकिनार करते हुए लोगों को कैपिटल हिल में घुसने के लिए धक्का देते हुए दिख रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जेनसेन लगातार अफसर को सीढ़ियों पर पीछे धकेलते जा रहे हैं और वह पीछे हटता जा रहा है। और यह सिलसिला बिल्डिंग के हाल तक चला।

उसके बाद ट्विटर पर जेनसेन ने उस समय की अपनी एक फोटो पोस्ट किया है जिसमें उसने लिखा है… “आपको मेरी शर्ट पसंद आयी”?  और “मैं…..” जेनसन को इओवा की पोक काउंटी ने अपनी हिरासत में लिया हुआ है। उन पर भी कानून लागू करने वाली एजेंसियों की हिदायतों के उल्लंघन का आरोप है। साथ ही अवैध रूप से सरकारी बिल्डिंग में घुसने की बात तो शामिल ही है।

एक अखबार ब्राडेंटन हेरल्ड के मुताबिक जो लोग जानसन को जानते हैं उन्होंने एफबीआई को उसके बारे में सूचना दी। न्यूजपेपर ने बताया कि वाशिंटगन पुलिस और ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन के दौरान जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई उसी समय जानसन ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट प्रकाशित किया था जिसमें उसने अफसरों को भ्रष्ट और अपराधियों का पक्ष लेने वाला बताया था।

इसके साथ ही पुलिस ने 60 वर्षीय रिचर्ड बर्नेट को भी गिरफ्तार किया है। जिसे कैपिटल सीज के दौरान पेलोसी दफ्तर में डेस्क को अपने पैरों से किक मारते हुए देखा गया था। बर्नेट को अर्क के बेंटनविले से गिरफ्तार किया गया है और उन्हें मंगलवार को फेडरल कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। और फिर आखिर में उन्हें वाशिंटगटन डीसी ले जाया जाएगा।

इसके साथ ही एफबीआई ने तमाम फोटो को अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किया है और लोगों से उनके बारे में बताने की अपील की है। जिससे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

जस्टिस डिपार्टमेंट ने दंगों के बाद बर्नेट समेत 13 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारियों की संख्या बहुत जल्द ही तेजी से बढ़ सकती है क्योंकि एजेंसियां इन प्रदर्शनकारियों की पहचान के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इसमें कुछ भीगीदारों को गंभीर धाराओं का सामना करना पड़ सकता है खासकर पुलिस अफसर ब्रायन डी सिकनिक की मौत के मामले में। ट्रम्प समर्थकों ने फायर सिलेंडर से उसके सिर में चोट दे मारी थी जिससे उसकी मौत हो गयी थी। एक पुलिस अफसर की गोली से एक दंगाई आशली बैबिट की भी मौत हो गयी थी।

(न्यूयॉर्क टाइम्स से साभार।)

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