अखिलेश बताएं कि उन्हें आज़म खान का नाम सुनकर गुस्सा क्यों आता है: शाहनवाज़ आलम

लखनऊ। अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज़ आलम ने सपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को एक पत्रकार द्वारा आज़म खान के मुद्दे पर सपा की खामोशी पर सवाल पूछने पर पत्रकार को अपमानित करने की कड़ी निंदा की है।

शाहनवाज़ आलम ने जारी बयान में कहा कि अखिलेश यादव के इस व्यवहार से उनका मुस्लिम विरोधी चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की मुस्लिम विरोधी मानसिकता के बारे में खुद उनके पिता मुलायम सिंह कई बार सार्वजनिक तौर पर बता चुके हैं लेकिन इस बार अखिलेश यादव ने कैमरा के सामने अपने पिता की बात को सही साबित कर दिया है।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि आज़म खान ने अपनी पूरी ज़िंदगी समाजवादी पार्टी को दान कर दी थी सिर्फ़ मुसलमान होने के कारण उनके पूरे परिवार सहित जेल में होने के बावजूद सपा न सिर्फ़ चुप है बल्कि चुप्पी पर सवाल पूछने वाले पत्रकारों को ख़ुद अखिलेश यादव ही अपमानित कर रहे हैं।

शाहनवाज़ आलम ने कहा कि अखिलेश यादव शायद अज़ाम खान को भूल गए हैं या भूल जाना चाहते हैं। इसीलिए उपचुनाव में सपा द्वारा जारी स्टार प्रचारकों की सूची में भी आज़म खान का नाम नहीं था। जो साबित करता है कि अखिलेश यादव अब भूल गए हैं कि आज़म खान जेल में हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले लंबे समय से समाजवादी पार्टी के पोस्टरों और बैनरों से आज़म खान की तस्वीर का गायब होना भी साबित करता है कि सपा को अब आज़म खान की ज़रूरत नहीं है।

उन्होंने पूछा कि अखिलेश यादव को बताना चाहिए कि उन्हें आज़म खान का नाम सुनकर गुस्सा क्यों आता है। आज़म खान को मुसलमान होने के कारण भाजपा तो सज़ा दे ही रही है अखिलेश भी उन्हें क्यों मुसलमान होने की सज़ा दे रहे हैं।

(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित।)

This post was last modified on December 1, 2020 6:00 pm

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