Tue. Sep 17th, 2019

चिन्मयानंद यौन उत्पीड़न केस: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खंडपीठ गठित कर सुना छात्रा का पक्ष

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स्वामी चिन्मयानंद।

इलाहाबाद। उच्चतम न्यायालय के मॉनिटरिंग के आदेश के अनुपालन में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री व मुमुक्षु आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ आरोप लगाने वाली शाहजहांपुर की एलएलएम छात्रा के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने न्यायमूर्ति मनोज मिश्र व न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की खंडपीठ गठित कर दी है। खंडपीठ ने मामले का संज्ञान लेकर जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) को 23 सितंबर को शपथ पत्र के माध्यम से विवेचना की प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने आदेश की प्रति सीजेएम के माध्यम से पीड़िता के परिवारीजन को भेजने का भी निर्देश दिया है, जिससे वह अदालत में अपनी सुरक्षा व विवेचना के संदर्भ में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करके अपना पक्ष रख सकें। 

हाईकोर्ट के प्रगति रिपोर्ट मांगने के बाद स्पेशल जांच टीम (एसआईटी) की जाँच में तेजी आ गयी है। एसआईटी ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम के हॉस्टल को खंगाला। पीड़ित परिवार की मौजूदगी में उस कमरे को खोला गया,जहां पीड़िता रहती थी। इसके साथ ही उस कमरे को खोला गया, जहां पर लड़की ने स्वामी चिन्मयानंद पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। एसआईटी ने पीड़ित छात्रा के कमरे से उसकी मौजूदगी में साक्ष्यों का संकलन किया। पीड़िता ने दावा किया है कि कमरा नंबर-102 में स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सभी साक्ष्य मौजूद हैं। छात्रा ने बताया था कि हॉस्टल के कमरे में स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ सभी सबूत सुरक्षित हैं। इस कमरे को शुरू में ही छात्रा की मां ने सील करने की मांग की थी। दो दिन के बाद मुकदमा दर्ज होने पर पुलिस ने उस कमरे को सील किया था।

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उच्चतम न्यायालय के दो सितंबर को दिए गए आदेश के पालन में हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने खंडपीठ गठित की है। शाहजहांपुर की एलएलएम की एक छात्रा के गायब होने पर उच्चतम न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेते हुए ‘इन रि मिसिंग ऑफ एन एलएलएम स्टूडेंट ऑफ स्वामी शुकदेवानंद लॉ कॉलेज फ्रॉम शाहजहांपुर’ की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट में पीठ गठित करके विवेचना का पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया था। उच्चतम न्यायालय ने पीड़िता व परिवारीजन का कैमरा प्रोसिडिंग के तहत बयान लिया था। पीड़िता ने उपरोक्त संस्थान व प्रबंधन के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही परिवारीजन की सुरक्षा पर आशंका भी व्यक्त की। उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर मुख्य सचिव ने प्रकरण की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी थी।  

स्वामी चिन्मयानंद के संस्थान एसएस लॉ कालेज शाहजहांपुर में पढ़ने वाली एलएलएम की छात्रा ने 24 अगस्‍त को फेसबुक एक वीडियो जारी कर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विडियो पोस्‍ट कर उसने पूर्व केंद्रीय मंत्री पर आरोप लगाए थे कि उन्होंने  पीड़िता समेत कई लड़कियों का यौन शोषण किया है। उसने यह भी दावा किया कि उसके पास इसके सुबूत हैं। यह वीडियो पोस्‍ट करने के बाद छात्रा गायब हो गई थी, जो कि बाद में राजस्थान में मिली थी।

उच्चतम न्यायालय के आदेश पर लड़की को कोर्ट में पेश किया गया था। इससे पहले शाहजहांपुर पुलिस ने 25 अगस्‍त को चिन्‍मयानंद के कानूनी सलाहकार ओम सिंह की शिकायत पर अज्ञात व्‍यक्तियों के खिलाफ जबरन वसूली और सूचना तकनीक ऐक्‍ट के तहत एफआएआर दर्ज कराई थी। इसके बाद इस केस में छात्रा के पिता की तहरीर पर स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ अपहरण और जान से मारने की धमकी मुकदमा दर्ज किया गया था।

इस बीच पीड़िता ने स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार का आरोप लगाया है। उसने आरोप लगाया है कि स्वामी चिन्मयानंद ने उसका एक साल तक यौन शोषण किया है। छात्रा का कहना है कि इससे संबंधित शिकायत दिल्ली पुलिस में दर्ज हो गयी है लेकिन शाहजहांपुर पुलिस ने मामले को अभी तक नहीं दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने लोधी रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कर ली है और उसे शाहजहांपुर पुलिस को भेज दिया है।

लेकिन उसने अभी तक बलात्कार का मामला नहीं दर्ज किया। उसका कहना है कि रविवार को उससे पूछताछ के बाद भी एसआईटी ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। रविवार को एसआईटी ने मुझसे तकरीबन 11 घंटे तक पूछताछ किया। मैंने उनको रेप के बारे में बताया था। यहां तक कि उन्हें सब कुछ बताने के बावजूद वो चिन्मयानंद को अभी तक गिरफ्तार नहीं किए।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ ही कानूनी मामलों के जानकार हैं। आप आजकल इलाहाबाद में रहते हैं।)

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