Thursday, February 29, 2024

इंग्लैंड की एक कोर्ट के सामने अनिल अंबानी ने बतायी अपनी आय जीरो, कोर्ट ने मानने से किया इंकार, कहा-देना होगा चीनी बैंकों का बकाया

नई दिल्ली। पीएम मोदी के चहेते उद्योगपति अनिल अंबानी ने इंग्लैंड की एक कोर्ट से कहा है कि उनकी आय तकरीबन शून्य हो गयी है लिहाजा चीन के तीन बैंकों के अपने ऊपर बकायों का भुगतान वह नहीं कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि परिवार भी उनकी मदद के लिए आगे नहीं आएगा।

बावजूद इसके अदालत ने अंबानी को चीनी बैंकों के बकाए 680 मिलियन डालर में से 100 मिलियन डालर भुगतान तुरंत करने का आदेश दिया है। यह फैसला शुक्रवार को आया है। यह पूरा भुगतान अब कोर्ट के जरिये होना है। जज डेविड वाक्समैन ने इसके लिए उन्हें छह सप्ताह का समय दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि वह अंबानी का अपने बचाव में दिए गए उस तर्क को नहीं मानती है जिसमें उन्होंने कहा है कि उनकी आय तकरीबन जीरो है। और यह कि जब वह खाईं में गिरने वाले होंगे तब भी उनका परिवार बचाव के लिए आगे नहीं आएगा।

जज ने कहा कि ‘मेरे अपने पूरे निष्कर्ष में श्री अंबानी मुझे इस बात के लिए संतुष्ट नहीं कर पाए कि वह कोई भुगतान नहीं कर सकते हैं।’

रिलायंस समूह ने इसका संकेत दिया है कि वह फैसले के खिलाफ ऊपरी कोर्ट में अपील कर सकता है। इसके लिए कंपनी को अनुमति लेनी होगी।

अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बताया कि ‘श्री अंबानी इंग्लैंड की कोर्ट के आदेश की समीक्षा कर रहे हैं। और आगे राहत हासिल करने के लिए कानूनी सलाह ली जा रही है।’

इस बीच, मुंबई स्थित इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल बैंक आफ चाइना और चाइना डेवलपमेंट और इक्जिम बैंक आफ चाइना ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। और उन्हें भरोसा है कि उनका दावा आगे कोर्ट में स्टैंड करेगा।

बैंकों की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि यह लोन की रिकवरी का बिल्कुल सीधा मामला है जिसको आरकाम ने बैंकों से हासिल किया था। साथ ही इसके लिए श्री अंबानी ने पर्सनल गारंटी ली थी। जिसका पालन करने से अब वह इंकार कर रहे हैं। 

बयान में आगे कहा गया है कि अपने दावे को लेकर हम अभी भी आश्वस्त हैं। मुझे आशा है कि अंबानी कोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे। 

रिलायंस समूह के एक और अधिकारी ने बताया कि कानूनी सलाह के आधार पर आरकाम चीफ अपील के जरिये कुछ और राहत हासिल करने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही उसका कहना था कि चीनी बैकों का पक्ष तर्कों की कसौटी पर खरा नहीं है वे इस बात को साबित करने में समक्ष होंगे।

इसके पहले सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया था कि रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन एक दौलतमंद व्यवसायी हैं और यह बात भी सही नहीं है कि टेलीकाम मार्केट में आए झटके के बाद उनकी स्थिति बिल्कुल खराब हो गयी है।

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