Sunday, December 5, 2021

Add News

पंजाब: कांग्रेस का एक और विधायक बागी!

Janchowkhttps://janchowk.com/
Janchowk Official Journalists in Delhi

ज़रूर पढ़े

नवजोत सिंह सिद्धू के बाद एक और कांग्रेसी विधायक पद्मश्री परगट सिंह ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूर्व हॉकी खिलाड़ी परगट सिंह कांग्रेस के ‘बागी’ नवजोत सिंह सिद्धू के नजदीकी दोस्त हैं और सिद्धू ने ही उन्हें पार्टी में शामिल करवा कर टिकट दिलवाया था। फिलहाल वह जालंधर कैंट विधानसभा हलके से विधायक हैं। रविवार को वह खुलकर राज्य की कांग्रेस सरकार और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर बरसे। सियासी गलियारों में खुली चर्चा है कि परगट सिंह ने नवजोत सिंह सिद्धू की हिदायत से इतना कड़ा बागी रूख अख्तियार किया है। वैसे, इन दिनों कांग्रेस में कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ एक नया कॉकस बन रहा है।     

अपनी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला करते हुए विधायक परगट सिंह ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह एक कमजोर मुख्यमंत्री हैं। समझ से बाहर है कि पंजाब में सरकार कांग्रेस की है या मुख्य सचिव की। मंत्रियों और चीफ सेक्रेटरी के बीच हुए विवाद के बाद मुख्यमंत्री को तत्काल विधायकों की बैठक बुलानी चाहिए थी और साफ करना चाहिए था कि जिन मुद्दों को लेकर हमने सरकार बनाई थी वह क्यों पूरे नहीं हुए। विधायक परगट सिंह ने कहा कि हालात ये हैं कि अब आकारी कारपोरेशन अभी तक नहीं बन पाया जबकि कारपोरेशन बनने से हर साल 10 हजार करोड़ का रेवेन्यू आना था। जबकि अभी महज 14 हजार 500 करोड़ ही 3 साल में हासिल हुए हैं। जिक्रे खास है कि ठीक चार दिन पहले इन्हीं आंकड़ों और इसी भाषा के साथ नवजोत सिंह सिद्धू ने सरकार को घेरा था।                         

विधायक परगट सिंह ने कहा कि ठेकेदार तैयार हैं, सब लोग तैयार हैं फिर सरकार को रोक कौन रहा है। साढ़े 3 साल में सरकार ने एक्साइज विभाग की कारपोरेशन तक नहीं बनाई। नवजोत सिंह सिद्धू ने इस पर मांग उठाई थी तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि अब वक्त निकल चुका है, अगले साल देखा जाएगा। यह करते-करते साढ़े तीन साल का अरसा गुजर चुका है। हालत यह है कि जिस तरह दस साल अकाली-भाजपा गठबंधन की सरकार चल रही थी, उसी तरह ही यह सरकार चल रही है। इन दोनों की कारगुजारी में ज्यादा फर्क नहीं है। पदम श्री परगट सिंह ने कहा कि डेढ़ साल बाद चुनाव हैं। 

इससे पहले हमें सीएलपी की बैठक बुलानी चाहिए, जिसमें सभी नेताओं को बुलाना चाहिए। इस दौरान उस तरफ ध्यान देना चाहिए कि हमने किन मुद्दों पर सरकार बनाई थी और आज तक कितने वादे पूरे किए। वह बोले कि मैंने यह बात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील कुमार जाखड़ के समक्ष भी उठाई है। तल्ख तेवरों के साथ परगट सिंह ने कहा कि तीन करोड़ जनता ने कांग्रेस को सत्ता सौंपी है। तीन साल बीत चुके हैं, उनको क्या जवाब देना है। सरकार बहुमत की है तो फैसले लेने से कौन रोक रहा है। ऑफिसर तो सरकार के साथ होते हैं और अपने ढंग से हावी होने की कोशिश करते हैं। यह तो नेता को देखना है कि वह अधिकारियों का चश्मा पहनेगा या जनता के साथ किए वादे पूरे करेगा।      

गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू के बाद परगट सिंह ऐसे दूसरे कांग्रेसी विधायक हैं जिन्होंने इतनी तार्किकता के साथ अपनी पार्टी की सरकार पर वार किया है। तय है कि उनके बागी सुरों की गूंज दूर तक जाएगी। इस रिपोर्ट को फाइल करते समय 24 घंटे बीत चुके हैं लेकिन कांग्रेस के किसी वरिष्ठ या कनिष्ठ नेता की प्रतिक्रिया परगट सिंह के तल्ख तेवरों पर नहीं आई है। कतिपय कांग्रेसी नेताओं से बात की गई तो सबने रटा-रटाया जवाब दिया कि उन्हें फिलहाल नहीं मालूम कि परगट सिंह क्या बोले हैं। अलबत्ता नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक कांग्रेसी विधायक ने साफ कहा कि परगट सिंह जो भी बोले हैं, वह सही और सच है। उन्होंने कई विधायकों के मन की आवाज को अभिव्यक्त किया है।                                  

पिछले दिनों मुख्य सचिव करण अवतार सिंह और मंत्रियों के बीच हुए विवाद के बाद कुछ मंत्री और विधायक भीतर ही भीतर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ हैं लेकिन मुखर नहीं। राज्य कांग्रेस पहले से ही धड़ेबंदी का शिकार है लेकिन अब तक के कार्यकाल में कैप्टन अमरिंदर सिंह को कोई बड़ी चुनौती दरपेश नहीं आई। नवजोत सिंह सिद्धू को वह किनारे कर चुके हैं और अपने खिलाफ बोलने वाले पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा को भी उन्होंने हाशिए पर रखा हुआ है।

बाजवा लगभग रोज मुख्यमंत्री के खिलाफ तीखी बयानबाजी करते हैं लेकिन कैप्टन बेपरवाह रहते हैं। देखना होगा कि अब खुलकर ‘बागी’ हुए विधायक परगट सिंह से वह कैसे निपटते हैं। यों परगट सिंह के विरोधी तेवर कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए यकीनन बड़ी चुनौती हैं। साफ है कि पंजाब कांग्रेस में सब कुछ अच्छा नहीं है। परगट सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को अन्य कांग्रेसी विधायकों और मंत्रियों का खुला समर्थन मिला तो मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बड़ी मुश्किल में आ जाएंगे।

(अमरीक सिंह पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों ने 13 स्थानीय लोगों को मौत के घाट उतारा

नगालैंड के मोन जिले में सुरक्षाबलों ने 13 स्थानीय लोगों को मौत के घाट उतार दिया है। बचाव के लिये...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -