Subscribe for notification

छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य क्षेत्र को बचाने के लिए आदिवासियों का अनिश्चितकालीन धरना

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिला अन्तर्गरत ग्राम तारा में पिछले 5 दिनों से “हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति” के बैनर तले कोल खनन परियोजना के विरोध में ग्रामीण अनिश्चित कालीन धरना पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि अडानी की परसा कोल खनन परियोजना के लिए नियम विरुद्ध ग्रामसभा की सहमति के बिना ही भूमि अधिग्रहण किया गया है। और वन स्वीकृति भी फर्जी ग्रामसभा प्रस्ताव बनाकर हासिल की गई है। बता दें कि हसदेव क्षेत्र की 20 ग्रामसभाओं के विरोध के बाबजूद हसदेव अरण्य में कोल ब्लॉको का आवंटन मोदी सरकार द्वारा किया गया। जिसके पीछे मूल कारण हैं कि राज्य सरकारों को कोल ब्लॉक देकर MDO अनुबंध के रास्ते पिछले दरवाजे से अडानी कंपनी को सौंपा जा सके। कारपोरेट घराने के मुनाफे के लिए छत्तीसगढ़ के सबसे समृद्ध वन क्षेत्र हसदेव अरण्य का विनाश किया जा रहा हैं। जबकि वर्ष 2009 में इस सम्पूर्ण क्षेत्र में खनन पर प्रतिबंध स्वयं केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने लगाया था।
रमन सरकार ने पिछले 15 वर्षों में छत्तीसगढ़ को कारपोरेट लूट का चारागाह बना दिया था। कंपनियों के इशारे पर जमीन अधिग्रहण, वन और पर्यावरण स्वीकृतियों को देने के लिए पांचवी अनुसूची, पेसा और वनाधिकर आदि कानूनों का खुले रूप से उल्लंघन किया गया। इसके खिलाफ पूरे प्रदेश में व्यापक जनआक्रोश रहा जिसके परिणामस्वरूप कांग्रेस सरकार आज सत्ता में काबिज हैं। पिछली सरकार की जनविरोधी नीतियों और निर्णय को बदलने की बजाए वर्तमान भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार उन्हें आगे बढ़ा रही हैं।
“विदित हो कि कांग्रेस पार्टी द्वारा जिस MDO (खनन के विकास और संचालन) अनुबंध का भारी विरोध किया जा रहा था आज उसे सार्वजनिक करने से बच रही हैं यहां तक कि पातुरिया गिड़मूड़ी कोल ब्लॉक भी अडानी को सौंप दिया।”
अनिश्चितकालीन धरने का समर्थन कर रही “छत्तीसगढ़ बचाओ आन्दोलन” के संयोजक आलोक शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि राज्य सरकार हसदेव से लेकर बैलाडीला और रायगढ़ में अडानी कंपनी के गैरकानूनी कार्यो को न सिर्फ संरक्षण दे रही हैं बल्कि कारपोरेट लूट को आगे बढ़ाने के नक्शे कदम पर चल रही है। पिछले दिनों रायगढ़ में हजारों लोगों के भारी विरोध के बाबजूद गारे पेलमा 2 कोल ब्लॉक की जनसुनवाई को जबरन आयोजित करवाया गया और अभी कंपनी के इशारे पर ग्रामीणों को फर्जी मुकदमा बनाकर गिरफ्तार किया जा रहा हैं।
आलोक शुक्ला ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस  सरकार पर आरोप लगाया है कि राज्य सरकार कारपोरेट की गुलामी बंद कर प्रदेश की जन भावनाओ का सम्मान करें। प्रदेश में जिन परियोजनाओं में बिना ग्रामसभा या फर्जी ग्रामसभा के जमीन अधिग्रहण किया गया हैं उनकी जांच के आदेश जारी करे, पेसा और वनाधिकर मान्यता कानून का सख्ती से पालन करवाएं। गारे पेलमा 2 की गैरकानूनी जनसुनवाई को निरस्त कर ग्रामीणों के ऊपर डाले गए फर्जी केस वापिस लिए जाएं। जिस बांध से 4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होती है, उसका ही जलग्रहण क्षेत्र हसदेव अरण्य है, यदि यह नष्ट किया गया तो छत्तीसगढ़ ही नहीं पूरे देश में हाहाकार मचेगा। इसलिए हसदेव अरण्य में खनन परियोजनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाए और केंद्र सरकार को कोल ब्लॉक आवंटन निरस्त करने पत्र लिखे। हसदेव अरण्य क्षेत्र को बचाने सभी सहयोगी संगठन तारा पहुंच आंदोलनकारी साथियों का हौसला बढ़ाएं और देश के नैसर्गिक आक्सीजोन को बचाएं।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगे….
पेसा कानून 1996 एवं भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा (41) के तहत ग्रामसभा सहमति लिए बिना परसा कोल ब्लॉक हेतु किये गए जमीन अधिग्रहण को निरस्त किया जाए।
वनाधिकार मान्यता कानून 2006 के तहत ग्रामसभा की सहमति पूर्व एवं वनाधिकारों की मान्यता की प्रक्रिया ख़त्म किए बिना दी गई वन स्वीकृति को निरस्त किया जाए।
हसदेव अरण्य क्षेत्र में परसा, पतुरिया गिदमुड़ी, मदनपुर साऊथ कोल खनन परियोजनाओं को निरस्त किया जाए एवं परसा ईस्ट केते बासन के विस्तार पर रोक लगाई जाए। 
हसदेव अरण्य के जंगल से जुडी आदिवासी एवं अन्य ग्रामीण समुदाय की आजीविका व संस्कृति वन क्षेत्र में उपलब्ध जैव विविधता, हसदेव नदी एवं बांगो बांध के कैचमेंट, हाथियों का रहवास क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ व दुनिया के पर्यावरण महत्व के कारण इस सम्पूर्ण क्षेत्र को खनन से मुक्त रखते हुए किसी भी नए कोल ब्लाकों का आवंटन नही किया जाए।
वनाधिकार मान्यता कानून के तहत व्यक्तिगत और सामुदायिक वन संसाधन के अधिकारों को मान्यता देकर वनों का प्रवंधन ग्रामसभाओं को सोंपा जाए।

This post was last modified on October 19, 2019 7:11 pm

Leave a Comment
Disqus Comments Loading...
Share

Recent Posts

किसानों और मोदी सरकार के बीच तकरार के मायने

किसान संकट अचानक नहीं पैदा हुआ। यह दशकों से कृषि के प्रति सरकारों की उपेक्षा…

54 mins ago

कांग्रेस समेत 12 दलों ने दिया उपसभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस

कांग्रेस समेत 12 दलों ने उप सभापति हरिवंश के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया…

11 hours ago

दिनदहाड़े सत्ता पक्ष ने हड़प लिया संसद

आज दिनदहाड़े संसद को हड़प लिया गया। उसकी अगुआई राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश नारायण…

11 hours ago

बॉलीवुड का हिंदुत्वादी खेमा बनाकर बादशाहत और ‘सरकारी पुरस्कार’ पाने की बेकरारी

‘लॉर्ड्स ऑफ रिंग’ फिल्म की ट्रॉयोलॉजी जब विभिन्न भाषाओं में डब होकर पूरी दुनिया में…

13 hours ago

माओवादियों ने पहली बार वीडियो और प्रेस नोट जारी कर दिया संदेश, कहा- अर्धसैनिक बल और डीआरजी लोगों पर कर रही ज्यादती

बस्तर। माकपा माओवादी की किष्टाराम एरिया कमेटी ने सुरक्षा बल के जवानों पर ग्रामीणों को…

14 hours ago

पाटलिपुत्र का रण: राजद के निशाने पर होगी बीजेपी तो बिगड़ेगा जदयू का खेल

''बिहार में बहार, अबकी बार नीतीश सरकार'' का स्लोगन इस बार धूमिल पड़ा हुआ है।…

16 hours ago