Tuesday, October 26, 2021

Add News

योगी ने छीन लिया लाशों से कफ़न!

ज़रूर पढ़े

9 मई को अपने बाबा की लाश लेकर शृंग्वेरपुर घाट गये जितेंद्र तिवारी वहीं दफ़न हजारों लाशें देखकर पहली बार चौंके थे लेकिन उससे ज़्यादा वो तब चौंके जब 24 मई को वो अपने तीन साल के बेटे विनायक का मुंडन कराने के लिये दोबारा घाट पर गये। वहां लाशें तो थीं लेकिन उनके ऊपर से रामनामी कफ़न ग़ायब थी। साथ ही बांस की फट्टियां भी ग़ायब थीं जो कब्र के चारों ओर जानवरों से सुरक्षा और दूसरी लाशों को वहां दफनाने से रोकने के लिये लगायी गयी थीं। जितेंद्र तिवारी कहते हैं एक बारगी मेरे दिमाग में आया कि इन लाशों का कफ़न किसी ने चुरा लिया। 

जब इस बारे में मैंने शिनाख्त की तो बात सच निकली। श्रंगवेरपुर घाट के पंडा मुन्नू पंडा बताते हैं कि रविवार को जिला प्रशासन भारी पुलिस बल के साथ आया और यहां दफ़न हजारों लाशों पर पड़ी रामनामी हटवा दी, उस पर लगी फट्टियां भी हटा दी गयीं और मजदूर लगाकर सैकड़ों क़ब्रों को एक बराबर कर दिया। सबको नहीं किया हजारों लाशें हैं। हजारों क़ब्रें। कितना करते। बस सबका रामनामी कफ़न उतार लिया। जो लाशें ऊपर ही थीं या जानवरों ने क़ब्र खोदकर ऊपर खींच लिया था उसे चिता लगाकर जला दिया गया। 

क्या इसके लिये जेसीबी मशीन भी लगवाया गया था इस पर मुन्नू पंडा कहते हैं नहीं मशीन नहीं थी, नगर निगम के मजदूर थे। उनसे करवाया गया। 

मुन्नू पंडा बताते हैं कि प्रशासन के इस कदम के बाद कुछ समाजसेवी लोग आगे आये हैं वो लाशों को जलाने के लिये मुफ़्त लकड़ियां मुहैया करवा रहे हैं। हथिगहां के मनोज पांडेय ने लाशों को जलाने के लिये घाट पर लकड़ियों की व्यवस्था की है ताकि गरीब लोग भी लाशों को जला सकें।

क्या प्रशासन के इस कदम का लोगों ने विरोध नहीं किया? 

इस पर मुन्नू पंडा कहते हैं, ” नहीं। कौन करता? एसडीएम, डीएम सब थे। बड़ी फोर्स थी साथ में। ऐसे में विरोध कौन करता”। 

प्रयागराज जिले के ही एक और घाट फाफामऊ घाट पर भी जिला प्रशासन ने लाशों की रामनामी उतारकर कब्रों को समतल करवा दिया है। फाफामऊ घाट के किशोरी लाल पंडा बताते हैं कि फाफामऊ घाट पर रविवार की रात जिला प्रशासन ने साफ सफाई करवाया है। लाशों के कफ़न, बांस की फट्टियां और तमाम दूसरे अपशिष्ट घाटों से साफ करके घाट का समतलीकरण किया गया है। 

गौरतलब है कि रविवार को उत्तर प्रदेश में कोरोना हालात और 2022 विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भाजपा-आरएसएस की दिल्ली में बैठक हुयी थी। इस अहम बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन मंत्री सुनील बंसल के साथ संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले मौजूद रहे थे। 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों के गंगा घाटों पर दफ़्न हजारों लाशें मीडिया और सोशल मीडिया में चर्चा में रहीं। इनकी तस्वीरें और वीडियोज वायरल हुये थे। उन्नाव, प्रयागराज, कानपुर, ऊंचाहार, बाराबंकी, बलिया के गंगा घाट पर हजारों लाशें कोरोना काल के दौरान दफ़नायी गयी हैं। इन लाशों के वीडियो और तस्वीरों से योगी सरकार निशाने पर थी और उस पर कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा छुपाने का आरोप लगाया जा रहा था। जाहिर है अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में इनका असर भाजपा के ख़िलाफ़ हो सकता है।

(प्रयागराज से जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।) 

तत्काल समाचारों के लिए, हमारा जनचौक ऐप इंस्टॉल करें

Latest News

हाल-ए-यूपी: बढ़ती अराजकता, मनमानी करती पुलिस और रसूख के आगे पानी भरता प्रशासन!

भाजपा उनके नेताओं, प्रवक्ताओं और कुछ मीडिया संस्थानों ने योगी आदित्यनाथ की अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त फैसले...
जनचौक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें

Janchowk Android App

More Articles Like This

- Advertisement -