Friday, April 19, 2024

चुनाव आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट से कहा- हम INDIA गठबंधन के नाम पर रोक नहीं लगा सकते

नई दिल्ली। 26 विपक्षी राजनीतिक दलों के नवगठित गठबंधन द्वारा संक्षिप्त नाम I.N.D.I.A (भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन) के उपयोग से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए भारत के चुनाव आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि वह लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत राजनीतिक गठबंधनों को विनियमित नहीं कर सकता।

भारतीय चुनाव आयोग ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में कहा है कि वह राजनीतिक गठबंधन को रेग्युलेट नहीं कर सकता। आयोग ने कहा कि उसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम या संविधान के तहत रेग्युलेटरी संस्था के रूप में मान्यता नहीं है। चुनाव आयोग ने यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दाखिल किया है जिसमें चुनाव आयोग से विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन को इंडिया नाम का इस्तेमाल करने से रोकने की मांग की गई है।

चुनाव आयोग ने कहा कि उसका गठन भारत के संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत संसद, राज्य विधानसभाओं और राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण के लिए किया गया है।

आयोग ने कहा कि उसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 29ए के तहत व्यक्तियों के संघों या निकायों को राजनीतिक दलों के रूप में पंजीकृत करने का अधिकार प्राप्त है, राजनीतिक गठबंधनों को अधिनियम या संविधान के तहत विनियमित संस्थाओं के रूप में मान्यता नहीं दी जाती है।

यह I.N.D.I.A गठबंधन 18 जुलाई 2023 को विपक्षी दलों ने बनाया था। इसमें करीब दो दर्जन विपक्षी दल शामिल हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त 2023 को 26 राजनीतिक दलों को अपने गठबंधन का नाम ‘इंडिया’ रखने और इसका उपयोग करने से रोक की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था।

चुनाव आयोग ने यह हलफनामा गिरीश भारद्वाज नाम के एक व्यवसायी द्वारा दायर जनहित याचिका के जवाब में दिया है। अपनी याचिका में, भारद्वाज ने तर्क दिया था कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए राष्ट्रीय प्रतीक का एक अनिवार्य हिस्सा, ‘इंडिया’ के नाम और प्रतीक का इस्तेमाल अनुचित उपयोग की रोकथाम अधिनियम, 1950 का उल्लंघन है।

उन्होंने चिंता व्यक्त की है कि इससे 2024 में लोकसभा चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, जिससे संभावित रूप से अनुचित हिंसा हो सकती है और देश की कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उसके इस हलफनामे को विपक्षी गठबंधन द्वारा संक्षिप्त नाम ‘INDIA’ के उपयोग की वैधता पर मोहर के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। चुनाव आयोग ने कहा कि उसकी भूमिका राजनीतिक दलों के पंजीकरण तक ही सीमित है और राजनीतिक गठजोड़ को रेग्युलेट करने तक इसका विस्तार नहीं है।

चुनाव आयोग ने डॉ. जॉर्ज जोसेफ थेम्पलांगड बनाम भारत संघ और अन्य के मामले में केरल हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया जिसमें यह माना गया कि राजनीतिक गठबंधनों के कामकाज को विनियमित करने के लिए संवैधानिक निकाय को अनिवार्य करने वाला कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है।

(जनचौक की रिपोर्ट।)

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